भगवान गणेश (Lord Ganesha) के शीश कटने को लेकर पुराणों में कई कथाएं प्रचलित हैं। इन्हीं में से एक कथा है कि शनिदेव (Shanidev) के कारण ही भगवान गणपति का शीश कटा था। ब्रह्मवैवर्तपुराण में इस कथा का वर्णन है।
प्रत्येक वर्ष शारदीय नवरात्रि के खत्म होते ही दशहरे का पर्व मनाया जाता है। तो वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार...
उत्तराखंड (Uttarakhand) का त्रियुगीनारायण मंदिर (Triyuginarayan Mandir) ही वह पवित्र और विशेष पौराणिक मंदिर है, जहां भगवान शिव और पार्वती जी ने पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर विवाह किया था। इस मंदिर के अंदर सदियों से यह अग्नि जल रही है।
सदियों से मौसम की मार झेल रहा यह मंदिर आज भी खड़ा है। पांडवों के बाद आज से लगभग 1000 वर्ष पहले 1060 ईं में राजा मांबाणि ने इस मंदिर का पुनः जीर्णोद्धार करवाया।
एक समय माता छाया के विलुप्त होने के बाद पूरे घटनाक्रम से अनजान होने के चलते संध्या के प्रति अनुराग...
आज है सर्व पितृ अमावस्या। सर्व पितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष समाप्त होता है। जो लोग अपनी तिथि पर...
वैसे तो देवाधिदेव शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन संगम के नजदीक अरैल स्थित शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर सूर्यदेव से संबंधित है। शिवपुराण और स्कन्द पुराण में इस मंदिर का वर्णन शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर के नाम से किया गया है। सबसे खास बात यह है इस मंदिर में दर्शन और पूजा करने से भगवान शिव के साथ ही सूर्यदेव भी प्रसन्न होकर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।
मां लक्ष्मी के रूप में मां त्रिपुर सुंदरी यहां विराजती हैं, यहां है एकमात्र शक्तिपीठ जहां होती है गुप्त साधना
देश के विख्यात मंदिरों की बात की जाए तो जूनी इंदौर (Juni Indore temple) स्थित शनि मंदिर (Shani Mandir) उनमें से एक है। इस शनि मंदिर की जितनी रोचक कहानी है, उतने ही रोचक यहां से जुड़े भक्तों के किस्से भी सुनने को मिलते है।
शिव का अवतार हनुमान जी ही थे और यह भी सत्य है कि भगवान राम (Bhagwan Ram) ही शिव (Bhagwan...
प्रत्येक देवता का एक विशिष्ट उपासनाशास्त्र है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक देवता की उपासना के अंतर्गत प्रत्येक कृत्य विशिष्ट...
गुरुवार देवगुरु बृहस्पति का दिन होता है और शास्त्रों में बृहस्पति देव देवताओं के गुरु माने जाते हैं। सप्ताह का...




