विवाह पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है जो भगवान राम और सीता के दिव्य विवाह का जश्न है, जैसा कि महाकाव्य रामायण में वर्णित है।
आमलकी एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं और आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं।
चांदिवली, अंधेरी ईस्ट स्थित बूमरैंग टॉवर में आज दुनिया की सबसे ऊंची इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमा (eco-friendly Ganpati) “बूमरैंग का राजा” (Boomerangs ka Raja) का भव्य अनावरण हुआ।
इन दिनों माता के भक्त उपवास रखते हैं। उपवास के दौरान क्या खाएं और क्या न खाएं इस पर संशय बना रहता है। इसलिए यहाँ पर कुछ स्वास्थ्यप्रद उपवास विकल्प दिए गए हैं।
वैसे तो यह त्योहार लगभग पूरे भारत में मनाया जाता है। लेकिन, मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, और बिहार में मनाया जाता है। यह सिर्फ़ एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव भी है।
नवरात्रि के दौरान रंगों की एक विशेष भूमिका होती है क्योंकि प्रत्येक दिन देवी दुर्गा के एक विशेष रूप और उनके आशीर्वाद से जुड़ा होता है। भक्तजन दिव्य कृपा पाने और भक्तिभाव से अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए इस दिन से संबंधित रंग पहनते हैं।
मकर संक्रांति पर इस बार दो तिथियों को लेकर लोग उलझन में हैं। हालांकि संक्रांति तब शुरू होती है जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं।
चैत्र नवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहारों में से एक है। यह देवी दुर्गा और उनके नौ दिव्य रूपों की पूजा करने के लिए समर्पित है।
ये नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों, जिन्हें नवदुर्गा के नाम से जाना जाता है, की पूजा के लिए समर्पित हैं। यह उस ब्रह्मांडीय शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है जो ब्रह्मांड का निर्माण, संरक्षण और सुरक्षा करती है।
दुर्गा पूजा सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है, खासकर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, बिहार और बांग्लादेश में, लेकिन पूरे भारत में भी मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव भी है।
अपनी अनूठी थीम और भव्य सजावट के लिए प्रसिद्ध कोलकाता के अलौकिक दुर्गा पूजा पंडाल हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। कोलकाता शहर दुर्गा पूजा उत्सव का केंद्र है, जहाँ इस त्योहार को बड़े उत्साह और जोश के साथ बंगाल के लोग हमेशा मनाते हैं।
गुरुवार को दुर्गा पूजा विसर्जन से भ्रम की स्थिति पैदा होती है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, समृद्धि की हानि की आशंका के कारण इसे टाला जा सकता है।











