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युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने के प्रति राष्ट्रीय कैडेट कोर प्रतिबद्ध

नई दिल्लीः राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल तरुण कुमार आइच ने कहा कि एनसीसी युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देंगे। 8 जनवरी 2021 को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए महानिदेशक ने कहा कि 26 जनवरी […]

नई दिल्लीः राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल तरुण कुमार आइच ने कहा कि एनसीसी युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देंगे। 8 जनवरी 2021 को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए महानिदेशक ने कहा कि 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में एनसीसी कैडेट के दो समूह भाग लेंगे। इनमें एक लड़कों का और एक लड़कियों का समहू होगा। इन कैडेट को उन लोगों में से चुना जाएगा जो गणतंत्र दिवस शिविर, आरडीसी-2021 में भाग ले रहे हैं। ये 4 जनवरी 2021 से करियप्पा परेड ग्राउंड, दिल्ली कैंट में शुरू हुआ था। सभी 380 कैडेट्स सहित कुल 1000 कैडेट्स इसमें शामिल हुए थे। देश के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों से एनसीसी कैडेट इस एक माह लंबे शिविर में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस शिविर का उद्देश्य, इसमें भाग लेने वाले कैडेट्स को अपने देश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से रूबरू कराना है। ये कार्यक्रम गणतंत्र दिवस की तैयारियों के रूप में होगा और खुद प्रधानमंत्री 28 जनवरी को पीएम रैली के लिए एनसीसी कैंप का दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि शिविर के सबसे शानदार आयोजन में कैडेट्स यहां हासिल किए गए बहु-आयामी कौशल को 28 जनवरी 2021 को प्रधानमंत्री के सामने प्रदर्शित करेंगे। कैडेट्स के समूह शानदार मार्च करते हुए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अपना कौशल पेश करेंगे। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक 28 जनवरी 2021 को शिविर के समापन कार्यक्रम में मौजूद होंगे।

शिविर में भाग लेने वाले कैडेट कई कार्यक्रमों में भाग लेते हैं जिनमें लिखित परीक्षा, हथियार ड्रिल, माइक्रोलाइट फ्लाइंग और सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता शामिल हैं। इस दौरान कई प्रतियोगिताएँ भी होती हैं जिसमें एनसीसी के सभी 17 निदेशालयों में 'प्रधानमंत्री बैनर' जीतने के लिए आपसी प्रतिस्पर्धा होती है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को स्वयं प्रधानमंत्री 28 जनवरी को विजेता को प्रदान करते हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल तरुण कुमार आइच ने यह भी उल्लेख किया कि हमारे युवाओं की बदलती आकांक्षाओं और समाज की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कैडेट्स के प्रशिक्षण दर्शन को और समृद्ध किया गया है। उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने के मकसद से अब उनमें व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और अन्य जरूरी कौशल विकास विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

एनसीसी महानिदेशक ने युवा सशक्तिकरण, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता अभियान, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण, खेल और साहसिक कार्यों के क्षेत्र में एनसीसी की प्रमुख उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान 1,39,961 एनसीसी कैडेट्स और 21,380 कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। पूर्व 'एनसीसी योगदान' के माध्यम से यातायात प्रबंधन, खाद्य और आवश्यक वस्तुओं के वितरण, कतार प्रबंधन और सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने, आपूर्ति श्रंखला को सुचारू रखने, वरिष्ठ नागरिकों को सहायता, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, भोजन के पैकेट तैयार करना और वितरण, फेस मास्क तैयार करना और जरूरतमंद व्यक्तियों के बीच वितरण करने आदि विभिन्न गतिविधियों में एनसीसी कैडेट्स ने फ्रंटलाइन कोरोना योद्धाओं के रूप में बेहतरीन काम किया है। एनसीसी महानिदेशक ने हाल ही में केरल और बिहार बाढ़ राहत कार्य में स्वैच्छिक भागीदारी के लिए भी एनसीसी कैडेट्स की सराहना की।

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