नॉर्थ ईस्ट न केवल अपनी हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि अपने लोगों के लिए भी जाना जाता है, जिनके पास महान गुण और चमकने की क्षमता है, और यह एक्शा हंगमा सुब्बा ने साबित किया है, जो न केवल सिक्किम पुलिस में एक पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि एक सुपरमॉडल भी हैं। वह मुक्केबाज, बाइकर और लाखों महिलाओं के लिए एक प्रेरणा भी हैं।
मणिपुर के वायरल वीडियो (Manipur Viral Video) ने एक बार फिर विपक्ष को एकजुट कर दिया है, इसलिए केंद्र कुकी और मैतेई समुदाय के नेताओं के साथ संवाद करके राज्य की हिंसा को शांत करने के तरीके खोजने की पूरी कोशिश कर रहा है।
नई दिल्लीः पुरी में जगन्नाथ मंदिर सभी भक्तों के लिए फिर से खुलने से एक दिन पहले, ओडिशा पुलिस ने...
अरुणज्योति बोरा बंदरदेवा: केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर से मुलाकात...
जोनाई: धेमाजी जिले के जोनाई महकमा के सेव पोबा रेन फोरेस्ट एनजीओ के तत्वावधान में और वन्य प्राणी सूरक्षा समिति...
घटना गैस सिलेंडर के रिसाव से हुई और करीब आठ लाख रुपए की सम्पत्ति जलकर राख हो गई। समाचार लिखे जाने तक आग लगने के प्रकृत कारणों का पता नहीं चल पाया है।
मनोज प्रजापति जोनाईः धेमाजी जिले के जोनाई सदर थाना अंतर्गत महकमा पुलिस अधिकारी भार्गव मुनी दास के नेतृत्व में गये...
लखीमपुर: दौरे पर आये असम सरकार के जलसम्पद ,सूचना व् जनसंयोग और संसदीय परिक्रमा विभाग के मंत्री पीयूष हजारिका ने...
ईटानगरः अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर ईटानगर में मुलाकात की और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही बुनियादी ढांचा...
वायु सेना अधिकारी ने कैडेटों को वायु सेना की अहमियत और भर्ती के बारे में बताया
धेमाजी जिले के जोनाई महकमा में डिब्रूगढ़ स्थित आदित्य नार्सिंग होम के तत्वावधान में और जोनाई के नवगठित एनजीओ राइनो पिपुल फाउंडेशन आफ असम के सहयोग से बृहस्पतिवार को एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन लखी नेपाली बस्ती स्थित लार्ड मैकाले हाई सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में किया गया।
परंपरा अनुसार इस अवसर को लेकर श्रद्धालुओं द्वारा ढाक बजाते हुए बाजारों में भिक्षाटन करते हुए देखे जा रहा था । आयोजन समिति के सदस्य कोई शिव -पार्वती तो कोई देवी काली का रूप धारण कर भिक्षाटन किया। इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के रूप भी धारण किए हुए इन्हें देखा गया। चरक यानी भगवान शिव की पूजा की गई तथा शिव- माता पार्वती: और काली जी का जयकारा लगाया गया ।


