भारत, नाइजीरिया, फिलीपींस और अफ्रीका समेत 33 देशों के बच्चे एक साथ हीटवेव, बाढ़, चक्रवात, बीमारी, सूखा और वायु प्रदूषण जैसे जलवायु प्रभावों का सामना कर रहे हैं। मगर इस सब के बावजूद, भारत में, बच्चों को दी जाने वाली जानकारी उतनी नहीं जितनी संभवतः आवश्यक है। और मानो इतना काफ़ी न हो, एनसीईआरटी (NCERT) ने हाल ही में इस संदर्भ में अपने स्कूल पाठ्यक्रम में जो बदलाव कर दिये हैं वो हैरान करने वाले हैं।
अब समय आ गया है जब मीडिया को अपनी पहचान बनाए रखने के लिए ऐसी खबरों का बहिष्कार करना चाहिए ताकि लोगों के बीच सदभाव कायम हो सके और एक-दूसरे के बीच जो विश्वास खत्म हो गया था फिर से कायम हो सके। मीडिया का रोल (role of media) बहुत ही महत्वपूर्ण है, जो दोनों समुदायों के बीच एक सेतू का काम कर सकती है, जिससे द्वेष की भावना का खात्मा किया जा सके और लोगों में फिर से सदभाव कायम हो सके।
ऑफशोर वायु ऊर्जा (Offshore Wind Energy) उद्योग के लिए वर्ष 2021 अब तक का सबसे बेहतरीन साल साबित हुआ। इस साल 21.1 गीगावॉट की नई क्षमता को ग्रिड से जोड़ा गया। ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल (जीडब्ल्यूईसी) द्वारा जारी अपनी ताजा 'ग्लोबल ऑफशोर विंड रिपोर्ट' में यह दावा किया गया है।
दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद के बाद अब आदिवासी समाज से आने वाली मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाना महज संयोग नहीं वरन एक सुविचारित कदम है। इस एक कदम से भाजपा ने समाज के एक बड़े वर्ग को बड़ा संदेश दिया है। इसमें महिलाएं, दलित और आदिवासी समाज शामिल हैं।
मानसून का जल्दी आना और बारिश के पैटर्न में बदलाव, इस वर्ष बार-बार आने वाली अचानक बाढ़ की वजह समझने में मदद कर सकता है। पड़ोसी देश बांग्लादेश में तो अप्रैल के पहले सप्ताह में ही बाढ़ आ गयी जो की मार्च में हुई भारी बारिश का नतीजा थी। विशेषज्ञों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और मानसून की जल्दी आमद के बीच एक मजबूत संबंध है जिसके कारण अचानक बाढ़ आई है।
जहां एक ओर इस बात की उम्मीद थी कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के बाद दुनिया भर में ग्रीन रिकवरी (Green...
फिलहाल प्रदूषण को लेकर जो भी नीतिगत निर्णय और कार्य किये जा रहे हैं, वे सभी सर्दियों के कुछ महीनों को ध्यान में रखकर ही हो रहे हैं। हालांकि सच्चाई यह है कि हम साल के ज्यादातर महीनों में वायु प्रदूषण के उच्च स्तरों की जद में होते हैं जिनका मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि वायु प्रदूषण से निपटान के लिए नीतीयां सिर्फ सर्दियों को नहीं बल्कि गर्मियों के महीनों को भी ध्यान में रख कर बनाई जाएँ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की जर्मनी (Germany) में हुए जी-7 (G7) सम्मेलन में मौजूदगी ने जहां एक ओर दुनिया के पटल पर भारत की प्रासंगिकता को एक बार फिर साबित किया, वहीं प्रधानमंत्री ने इस वैश्विक मंच का भरपूर फायदा उठाते हुए दुनिया को न सिर्फ़ शांति का संदेश दिया बल्कि यह भी साफ़ किया कि जलवायु गुणवत्ता (climate quality) के प्रति भारत का निश्चय उसके प्रदर्शन से साफ़ झलकता है और दुनिया को उससे सीखना चाहिए।
जहां भारत में बड़े अपने तजुर्बों से नसीहत देते हैं कि कोर्ट-कचहरी और मुकदमेबाज़ी से बचना चाहिए, वहीं कोरिया से,...
जलवायु थिंक टैंक 'क्लाइमेट ट्रेंड्स' ने भारत में मानसून के बदलते ढर्रे की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने के लिए शुक्रवार को एक वेबिनार आयोजित किया, जिसमें विशेषज्ञों ने देश में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के बदले मिजाज और मौजूदा हालात से निपटने की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की।
दुनिया में स्टील और लोहे के डीकार्बनाइजेशन सम्बन्धी प्रयासों पर नजर रखने वाली संस्था ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (Global Energy Monitor)...
वर्षों से, श्रीलंका अपनी गैर-समावेशी विचारधारा के कारण गहरे संकट में चला गया है। बेहतर है कि भारत समय से अपना सबक सीख ले।
