आजादी के दशकों बाद भी देश दलित आबादी को दोयम दर्जे के नागरिक के रूप में देखता है भारत के...
इस ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो भारत के रिन्यूएबल एनेर्जी और ग्रिड प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए ग्लोबल निवेशकों...
अमेज़न, IKEA समेत तमाम बड़े वैश्विक रिटेलर्स 2040 तक अपने सभी समुद्री माल को ज़ीरो एमिशन जहाज़ों से भेजने के...
भारत की अध्यक्षता में G20 देशों की ऊर्जा, जलवायु एवं पर्यावरण से सम्बन्धित बैठकें पिछले महीने सम्पन्न हुईं।
आज का दिन ख़ास है। आज, सितंबर सात, को हर साल साफ हवा और नीले आसमान को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मगर इस साल साफ हवा और नीले आसमान को मिलेंगे बोल और धुन।
कसी पराधीन जाति के लिये उसका राष्ट्रीय आदर्श ही उसके मनुष्यत्व, शक्ति, एवं पौरुष की एकमात्र कसौटी होता है। यह...
कोविड महामारी की शुरुआत हुए एक वर्ष से अधिक हो चुका है और आज अगर तमाम देशों की ग्रीन रिकवरी...
ऐसा नहीं है कि इस तरह की लापरवाही पहली बार हुई है। सालों से इस तरह की लापरवाही होती आ रही है और सरकार एक जांच बैठाकर अपना पल्ला इस तरह दुर्घटनाओं से झाड़ लेती है और पब्लिक भी ऐसे कांडों को भूलकर फिर से अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाता है फिर किसी नई दुर्घटना के लिए।
राष्ट्रीय स्तर की वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग और शहर के एक्शन प्लान साबित हुए हैं अप्रभावी, राज्यों के एक्शन प्लान नहीं...
बीते समय के मुकाबले अरब सागर में चक्रवातों की आवृत्ति, अवधि और तीव्रता में खतरनाक वृद्धि हुई है। इतनी ख़तरनाक,...
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 से निजात पाने के लिये दुनिया के सभी लोगों का टीकाकरण होना जरूरी है।...
जब आप और हम पठान फिल्म के बॉयकोट का समर्थन या विरोध कर रहे हैं, बीबीसी की किसी डॉक्युमेंट्री की राजनीति समझ रहे हैं, या फिर रज़ाई लपेट कर बढ़ती सर्दी का रोना रो रहे हैं, ठीक तब, लद्दाख में एक शख़्स पिघलते ग्लेशियरों की तरफ हम सबका ध्यान खींचने के लिए खुले आसमान के नीचे अनशन कर रहा है।



