भारत समेत इन पांच एशियाई सरकारों की 600 नए कोयला संयंत्रों की योजना बन सकती है 150 अरब डॉलर की...
तमाम देशों में आजकल होड़ है कि और कुछ न सही तो कम से कम जलवायु के लिए अपनी संवेदनशीलता...
बेंगलुरु में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद हुई जल भराव की खबरों ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी। तमाम लोगों को अपना घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और इंटरनेट पर इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम मीम्स और मज़ाक़ वायरल होते रहे। स्थिति वाकई कई मायनों में हास्यास्पद थी, मगर यह एक चिंता का भी विषय है। आखिर भारत के इस आईटी हब ने इस बाढ़ की वजह से कथित तौर पर 225 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया।
भारत में कोयला आधारित बिजली उत्पादन में लगातार दूसरे साल गिरावट दर्ज की गयी है। साल 2018 से शुरू इस...
इस साल, चीन में 14-वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत होगी। लेकिन जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ने की नज़र से अगर...
इंसान की नुकसानदेह गतिविधियों के कारण जलवायु और जैव-विविधता में हुए अप्रत्याशित बदलाव अब एक साथ मिल गये हैं और...
कोलम्बिया सेंटर ऑन सस्टेनेबल इन्वेस्टमेंट (CCSI) ने आज रेन्युबल ऊर्जा में निवेश के कारकों और उसमें आने वाली बाधाओं पर आधारित अपनी दो नयी रिपोर्टें पेश कीं।
अमेज़न, IKEA समेत तमाम बड़े वैश्विक रिटेलर्स 2040 तक अपने सभी समुद्री माल को ज़ीरो एमिशन जहाज़ों से भेजने के...
ऐसा नहीं है कि इस तरह की लापरवाही पहली बार हुई है। सालों से इस तरह की लापरवाही होती आ रही है और सरकार एक जांच बैठाकर अपना पल्ला इस तरह दुर्घटनाओं से झाड़ लेती है और पब्लिक भी ऐसे कांडों को भूलकर फिर से अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाता है फिर किसी नई दुर्घटना के लिए।
दुनिया के 61 प्रतिशत देश, दुनिया के सबसे ज़्यादा प्रदूषण करने वाले देशों में 9 प्रतिशत राज्य और 50 लाख...
औद्योगिक और आर्थिंक रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य महाराष्ट्र के 18 नॉन अटेनमेंट शहरों के लिये प्रदूषण से...
आज जरी बैंकरोलिंग प्लास्टिक्स रिपोर्ट से पाता चलता है कि दुनिया के सबसे बड़े बैंक प्लास्टिक प्रदूषण के संकट के...

