COP26 के संदर्भ में वैश्विक सुशासन के लिये नयी ऑपरेटिंग प्रणाली होगी कल से जारी वैश्विक सुशासन के लिये ग्लोबल...
पृथ्वी पर पहली बार मानवता के लिए सुरक्षा और न्याय का ऐसा मूल्यांकन किया गया है। इन वैज्ञानिकों के अनुसार यह बेहद चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि अर्थ कमीशन नाम के इस समूह का निष्कर्ष है कि पृथ्वी के लिए अब तक कई सुरक्षित सीमाएं पहले ही पार हो चुकी हैं।
पिछले वर्षों की अभूतपूर्व बाढ़, सूखा और बेतहाशा पानी से होने वाली घटनाएं अप्रत्याशित नहीं, बल्कि मानव द्वारा दशकों से चली आ रही पानी की बदइंतज़ामी से होने वाली सिस्टेमेटिक क्राइसेस का नतीजा हैं। यह कहना है ग्लोबल कमीशन ऑन इक्नोमिक्स ऑफ वॉटर रिपोर्ट (Global Commission on Economics of Water Report) का।
हिमालय और काराकोरम पर्वत श्रंखलाओं में जलवायु परिवर्तन के फुटप्रिंट बिल्कुल खुलकर ज़ाहिर हो गये हैं। इस क्षेत्र को तीसरा...
फ़िलहाल थर्मल पावर प्लांट को वैज्ञानिक तरीके से डीकमिशन, या चलन से बाहर, करने के कोई प्रभावी दिशानिर्देश मौजूद नहीं।...
इस बात की 90 फ़ीसद उम्मीद है कि साल 2021-2025 के बीच कम से कम एक साल ऐसा होगा जो...
COP26 के संदर्भ में वैश्विक सुशासन के लिये नयी ऑपरेटिंग प्रणाली होगी कल से जारी वैश्विक सुशासन के लिये ग्लोबल...
गुतेरस का यह बयान बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान की यात्रा से लौटेने के बाद आया है और इस बयान ने साफ इशारा किया है कि पाकिस्तान के हालात और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) केंद्रीय मुद्दा रहेगा संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र का।
हिमालय और काराकोरम पर्वत श्रंखलाओं में जलवायु परिवर्तन के फुटप्रिंट बिल्कुल खुलकर ज़ाहिर हो गये हैं। इस क्षेत्र को तीसरा...
साल 2021 में भविष्यवाणी की गई थी कि यह झील ओवरफ्लो हो जाएगी और बांध को प्रभावित करेगी। ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारण ग्लेशियर पिघलने (melting glaciers) के कारण ग्लेशियर झीलों की संख्या में वृद्धि हुई है।
फ़िलहाल थर्मल पावर प्लांट को वैज्ञानिक तरीके से डीकमिशन, या चलन से बाहर, करने के कोई प्रभावी दिशानिर्देश मौजूद नहीं।...
इस बात की 90 फ़ीसद उम्मीद है कि साल 2021-2025 के बीच कम से कम एक साल ऐसा होगा जो...



