राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Program) ने आज चार साल पूरे कर लिए और इसमें अब तक ₹6897.06 करोड़ खर्च हो चुके हैं। मगर 2019 पहचाने गए कुछ शीर्ष प्रदूषित शहरों ने अपने पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में बस मामूली सुधार ही दर्ज किया है और यह अब भी केंद्र सरकार द्वारा स्थापित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुरक्षित सीमा मानकों से अधिक स्तर पर हैं।
जनता का मूड इन दिनों तर्क से परे है; बुद्धिवाद के बजाय मनोदशा और बेतुकापन नया मानदंड हो गया है...
भारत द्वारा अक्षय ऊर्जा (renewable energy) और इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicles) पर दी जाने वाली सब्सिडी वित्तीय वर्ष 2022 में दोगुनी से भी ज्यादा हो गयी है। मगर सरकार के सामने आने वाले वर्षों में देश के जलवायु सम्बन्धी लक्ष्यों को हासिल करने के लिये इस रफ्तार को बनाये रखने की चुनौती होगी।
परम्परागत कोयला बिजलीघरों के कारण बढ़ते प्रदूषण से उत्पन्न चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर आशा की किरण के रूप...
भारत में लंबी अवधि के औसत (LPA) (एलपीए) के 99% की सामान्य वर्षा दर्ज की जाने के साथ, चार महीने...
फ़िलहाल जो तौकते नाम के तूफ़ान से जाना जा रहा है, अगले कुछ घंटों में "गंभीर चक्रवाती तूफान" की शक्ल...
आज से ठीक तीन साल पहले देश के 132 शहरों में पार्टिकुलेट मैटर के स्तर को 20-30% तक कम करने...
जनता का मूड इन दिनों तर्क से परे है; बुद्धिवाद के बजाय मनोदशा और बेतुकापन नया मानदंड हो गया है...
परम्परागत कोयला बिजलीघरों के कारण बढ़ते प्रदूषण से उत्पन्न चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर आशा की किरण के रूप...
पवन और सौर उत्पादन में वृद्धि 2022 की पहली छमाही में मांग वृद्धि के तीन-चौथाई से अधिक हो गई, जबकि बाकी मांग हाइड्रो से पूरी हुई। ऐसा होने से न सिर्फ जीवाश्म उत्पादन में संभावित 4% की वृद्धि रोकी जा सकी, बल्कि ईंधन लागत में $ 40 बिलियन अमरीकी डालर और 230 मीट्रिक टन CO2 एमिशन को रोका गया।
भारत में लंबी अवधि के औसत (LPA) (एलपीए) के 99% की सामान्य वर्षा दर्ज की जाने के साथ, चार महीने...
फ़िलहाल जो तौकते नाम के तूफ़ान से जाना जा रहा है, अगले कुछ घंटों में "गंभीर चक्रवाती तूफान" की शक्ल...
