वैश्विक स्तर पर शुद्ध ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में स्वास्थ्य क्षेत्र पांचवें स्थान पर है। ऐसे में देश की स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों को जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत संबोधित करने के महत्व पर चर्चा करने के लिए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के साथ साझेदारी में एशियाई विकास बैंक ने आज गोवा में G20 के लिए स्वास्थ्य कार्य समूह में एक साइड इवेंट का आयोजन किया।
हर साल, मध्यप्रदेश के धार ज़िले में किसान समुदाय अक्षय तृतीया से ही खेती संबंधी तैयारी में जुट जाते हैं। यह किसान अक्षय तृतीया पर जमीनों के सौदे और खेतों को किराए पर देने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं को भी इसी समय तय कर लेते हैं।
इनमे से अधिकांश लोग जलवायु और ऊर्जा नीतियों के पक्ष में सतर्क, चिंतित ,और फिक्रमंद हैं
पैरिस समझौते (Paris Agreement) के बाद से पवन और सौर ऊर्जा के कारण जी20 देशों में कोयले से बनने वाली बिजली की हिस्सेदारी में गिरावट आयी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सबसे बड़ी करेंसी 2000 रुपये के नोट पर बड़ा फैसला लिया है। RBI के अनुसार, 2000 रुपये का नोट लीगल टेंडर तो रहेगा, लेकिन इसे सर्कुलेशन से बाहर कर दिया जाएगा।
कर सकता है भारत की जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में मदद
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ की चोटियों से लेकर समुद्र की गहराई तक, जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ने 2022 में अपनी प्रगति बरक़रार रखी।
क्या आप किसी विषय को बीस से तीस सेकंड में समझने की कल्पना कर सकते हैं? अगर नहीं, तो आपको ऐसी कोई कल्पना करने की ज़रूरत नहीं। क्योंकि यह एक हक़ीक़त है। तो क्या है ये हक़ीक़त, इसे जानने के लिए यह लेख अंत तक पढ़िये
आईएमडी (IMD) का कहना है कि साइक्लोन ‘मोका’ में हवा की रफ्तार 175 किमी. प्रति घंटे को भी पार करने की संभावना है। इसके असर से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 मई को अधिकांश जगहों पर बारिश की संभावना है।
इंसान की गतिविधियों की वजह से पैदा हुए जलवायु परिवर्तन (Climate Change) ने बांग्लादेश, भारत, लाओस और थाईलैंड में रिकॉर्ड तोड़ उमस भरी ताप लहर (Heatwave) की संभावनाओं को 30 गुना तक बढ़ा दिया है।
पृथ्वी पर पहली बार मानवता के लिए सुरक्षा और न्याय का ऐसा मूल्यांकन किया गया है। इन वैज्ञानिकों के अनुसार यह बेहद चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि अर्थ कमीशन नाम के इस समूह का निष्कर्ष है कि पृथ्वी के लिए अब तक कई सुरक्षित सीमाएं पहले ही पार हो चुकी हैं।
इस साल के, अरब सागर में आए, पहले चक्रवात (cyclone) 'बिपरजॉय' (Biparjoy) ने फिलहाल काफी गंभीर सूरत धारण कर ली है। लेकिन इसी बीच राहत की बात ये है कि मानसून कुछ दिनों की देरी से कल केरल पहुंच गया। मगर हां, चक्रवात की वजह से मॉनसून की गति पर प्रभाव पड़ सकता है।











