एक कड़वा सच जो मूंह बाए देख रहा है वो ये है कि चीन को छोड़कर, विकासशील देशों को 2030 तक जलवायु वित्त में कम से कम 2.4 ट्रिलियन डॉलर की आवश्यकता है। वहीं 54 देशों में आर्थिक संकट ने उन्हें ऋण संकट में भी डाल दिया है, जिससे उनके विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है और टिकाऊ ऊर्जा प्रणाली का रुख करने में बाधा आ रही है।
सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के नए शोध के अनुसार, HSBC बैंक के स्वामित्व हिस्सेदारी वाली...
एक ताज़ा शोध में पाया गया है कि दुनिया के कुछ सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जक देश जलवायु परिवर्तन से निपटने...
बीते एक साल में सात राज्यों में थर्मल पावर प्लांट्स में कोल फ्लाई ऐश से जुड़ी 17 प्रमुख दुर्घटनाएं की...
एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर में कोयला आधारित ऊर्जा (coal based energy) के लिए उदासीनता बढ़ रही है।...
G7 देशों की बैठक से पहले, वैश्विक थिंक टैंक E3G के लिए YouGov संस्था ने G7 देशों में एक सर्वे...
देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, और अन्य सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक प्रणालियों पर बोझ डालते हुए भारत में फिलहाल हीटवेव अपनी आवृत्ति, तीव्रता, और घातकता में बढ़ रही हैं।
देश कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave) के लिए तैयार है। विशेषज्ञों को लगता है कि तीसरी लहर बच्चों के...
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने साल 2050 तक नेट ज़ीरो एमिशन का स्तर हासिल करने का लक्ष्य तय करते हुए $ 5 बिलियन (लगभग 39,760 करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश की योजना बनाई है।
भारत उन देशों में से है जिसने स्पाइवेयर प्रोग्राम खरीदा और इस्तेमाल किया, आतंकवादियों के खिलाफ नहीं बल्कि अपने लोगों...
वर्तमान वायु प्रदूषण के स्वीकार्य स्तरों को नये दिशानिर्देशों में प्रस्तावित स्तरों तक कम किया जाए तो दुनिया में PM₂.₅...
एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत अगर अपने रिन्यूबल एनेर्जी सम्बन्धी राष्ट्रीय लक्ष्यों को अगले 10 सालों में हासिल करता है तो बिजली उत्पादन में होने वाले कुल विकास का दो-तिहाई हिस्सा सौर और पवन ऊर्जा से आयेगा।



