दो दिन पहले की बात है। कुछ बच्चों से पता चला कि आठ साल का अंकित स्कूल आते समय रास्ते...
इन विषयों पर जानकारी को सटीक और जिम्मेदारी से प्रसारित करने में मीडिया कर्मियों की ख़ास जिम्मेदारी है और इस वजह से इसलिए सस्टेनेबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों की पत्रकारों में बेहतर समझ होना भी काफ़ी ज़रूरी है।
दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण का संकट विकासशील देशों के लिए खास तौर से बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।...
तर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2023 नामक एक रिपोर्ट जारी की है जो दर्शाती है कि सौर पैनल, पवन ऊर्जा, इलेक्ट्रिक कार और हीट पंप जैसी स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियाँ अधिक लोकप्रिय हो रही हैं। ये प्रौद्योगिकियां हमारे कारखानों, वाहनों, घरेलू उपकरणों और हीटिंग सिस्टम जैसी चीजों को बिजली देने के तरीकों को बदल रही हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की नमी की कमी से मानसून के दौरान भूमि और वायुमंडल के बीच कपलिंग प्रभावित होगी, जिससे मानसूनी वर्षा के पैटर्न में बदलाव आएगा।
पांच साल पहले यूपी की बागडोर संभालने के बाद से, योगी आदित्यनाथ ने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए वह सब कुछ किया है जो एक ‘धम्म’ करता है।
सर्दियों की आमद ने एक बार फिर गंगा के मैदानी इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक को 'खराब' और 'गंभीर' श्रेणियों के बीच ला खड़ा कर दिया है। बात की गंभीरता इसिस से पता चलती है कि दिल्ली-एनसीआर में दिसंबर के पहले पखवाड़े के सबसे तेज़ धूप और खुले आसमान वाले दिनों पर भी वायु गुणवत्ता 'खराब' (Air Pollution) की श्रेणी में ही रही।
भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर (solar power) और पवन बिजली (wind power) उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (Global Energy Monitor) के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है।
दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण का संकट विकासशील देशों के लिए खास तौर से बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।...
एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत अगर अपने रिन्यूबल एनेर्जी सम्बन्धी राष्ट्रीय लक्ष्यों को अगले 10 सालों में हासिल करता है तो बिजली उत्पादन में होने वाले कुल विकास का दो-तिहाई हिस्सा सौर और पवन ऊर्जा से आयेगा।
पूरी दुनिया फिलहाल जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के विनाशकारी प्रभावों से जूझ रही है। ऐसे में तमाम देशों के लिए इसके प्रभावों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाना ज़रूरी होता जा रहा है। इस दिशा में अफ्रीकी देश सिएरा लियोन (Sierra Leone) से एक बेहद सकारात्मक खबर आ रही है।
‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस' (NBS) सदी के अंत तक ही जलवायु परिवर्तन के खिलाफ हमारी लड़ाई में योगदान कर सकते हैं। नेट...






