अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के दायरे में तब आई जब इंस्टीट्यूशन से जुड़े तीन डॉक्टरों का नाम दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़ा पाया गया।
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को लाल किला विस्फोट मामले के एक आरोपी आमिर राशिद अली को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया।
दिल्ली विस्फोट मामले की जाँच कर रहे जाँचकर्ताओं ने पाया है कि यह घटना 4 शहरों में कई स्थानों पर ‘सीरियल ब्लास्ट’ करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
चार आरोपियों में पुलवामा के डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, अनंतनाग के डॉ. अदील अहमद राथर और जम्मू-कश्मीर के शोपियां के मुफ्ती इरफान अहमद वागे और उत्तर प्रदेश के लखनऊ के डॉ. शाहीन सईद शामिल हैं।
अल-फलाह विश्वविद्यालय पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कथित धोखाधड़ी और फर्जी मान्यता से जुड़े जालसाजी के आरोप में दो एफआईआर दर्ज की हैं।
दिल्ली के लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट के बाद फरीदाबाद स्थित अल-फ़लाह विश्वविद्यालय एक बड़ी आतंकी जाँच के घेरे में आ गया है।



