उत्पाद शुल्क नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।
स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में बिभव कुमार की मुसीबत बढ़ सकती है। आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी के कारण अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी से सवाल किया कि भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा क्योंकि पीएम मोदी अगले साल रिटायर हो जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद केजरीवाल 1 जून तक जमानत पर रहेंगे और 2 जून को सरेंडर करना होगा। हालांकि, कोर्ट ने जमानत शर्तों के तहत उन पर कई प्रतिबंध लगाए हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने प्रतिबंधित 'सिख फॉर जस्टिस' समूह से राजनीतिक फंडिंग प्राप्त करने के लिए अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एनआईए जांच की सिफारिश की है
आम आदमी पार्टी (AAP) शुक्रवार शाम 6 बजे इस मामले को संबोधित करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। दिल्ली की मंत्री आतिशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्वाति मालीवाल मुद्दे की हकीकत सामने लाने के लिए आम आदमी पार्टी आज शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।"
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास पर उन पर हुए कथित हमले के संबंध में घटना की जानकारी लेने के लिए दिल्ली पुलिस गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) के आवास पर पहुंची।
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के पीए पर उनके साथ सीएम आवास पर मारपीट का आरोप लगाया है।
अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अपनी पत्नी सुनीता और पंजाब के समकक्ष भगवंत मान के साथ मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।
सुप्रीम कोर्ट कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को अंतरिम जमानत देने का आदेश 10 मई को सुनाएगा।
शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से पूछा कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी क्यों की गई।











