मान्यताओं के अनुसार कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश (Ganesh Bhagwan) की पूजा की जानी जरूरी है। भगवान गणेश सभी लोगों के दुखों को हरते हैं। काशी (Kashi) में जिसे खासतौर पर भगवान शिव की नगरी कहा जाता है, यह उनके पुत्र भगवान गणेश के लिए भी प्रचलित है। काशी में ही शिव जी के पुत्र भगवान गणेश अपने विशेष रूप में स्थापित हैं।
दस देशों में स्थापित गणेशी प्रतिमाओं की प्रतिकृति को यहां दर्शाया गया
गणेश जी की शर्त थी कि महर्षि एक क्षण के लिए भी कथावाचन में विश्राम ना लेंगे। यदि वे एक क्षण भी रूके, तो गणेश जी वहीं लिखना छोड़ देंगे। महर्षि ने उनकी बात मान ली और साथ में अपनी भी एक शर्त रख दी कि गणेश जी बिना समझे कुछ ना लिखेंगे। हर पंक्ति लिखने से पहले उन्हें उसका मर्म समझना होगा। गणेश जी ने उनकी बात मान ली।
भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) को गजानन (Gajanan), एकाक्षर (Ekakshar), विघ्नहर्ता (Vighanharta), एकदंत (Ekdant) के अलावा और भी कई नामों से...
गणेश जी (Bhagwan Ganesh) की पूजा में चाहे आप उनको कई प्रकार के भोग लगा दें, किन्तु जब तक उन्हें...
भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) को हर काम को शुरु करने से पहले पूजा जाता है। गणेश जी (Ganesh ji) बुद्धि...
अक्सर श्री गणेश भगवान की प्रतिमा लाने से पहले या घर में स्थापना से पूर्व यह सवाल सामने आता है कि गणेश जी की कौन सी सूंड किस तरफ होनी चाहिए? क्या कभी किसी ने ध्यान दिया है कि भगवान गणेश की तस्वीरों और मूर्तियों में उनकी सूंड दाई या कुछ में बाई ओर होती है। सीधी सूंड वाले गणेश भगवान दुर्लभ हैं। इनकी एक तरफ मुड़ी हुई सूंड के कारण ही गणेश जी को वक्रतुण्ड कहा जाता है।
बेतिया में राज देवड़ी से पूरब वाले प्राचीन द्वार से निकलते ही एक ओर भगवान गणेश और दूसरी ओर भगवान हनुमान के दर्शन होते हैं। हम आपको बताते हैं इन प्रतिमाओं का महत्व क्या है? इनका इतिहास क्या है?
हिंदू धर्म में कोई भी पूजा पाठ या शुभ काम बिना गणेश भगवान (Ganesh Bhagwan) की पूजा कर या आरती...
भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) देवाधिदेव शिव परिवार में ज्येष्ठ पुत्र हैं। शिव परिवार (Shiv Parivar) के प्रत्येक सदस्य या उनसे...
उल्टा स्वस्तिक बनाने से हर इच्छा पूरी होने फिर सीधा स्वस्तिक बनाते हैं भक्त, देश के सबसे धनी गणेश मंदिरों में होती है गिनती

