भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शास्त्रों में कई विधि-विधान बताए गए हैं। जिसमें भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, दूध अर्पित करने आदि का भी उल्लेख मिलता है। आइए जानें कि शिवलिंग पर दूध क्यों चढ़ाया जाता है और ऐसा करने से क्या होता है?
भगवान शिव (Bhagwan Shiva) के तीसरे नेत्र के बारे में तो सभी जानते हैं कि जब भोलेनाथ (Bholenath) ने अपना...
भगवान शिव की बात सुनकर पार्वती मुस्कुरा उठी और कहा कि प्रभु आपकी इच्छा को पूर्ण करने के लिए मैं अवश्य मृत्यु लोक में पुरुष के रूप में अवतरित होऊंगी। आपकी प्रसन्नता के लिए मैं पृथ्वी पर वासुदेव के घर पुरुष के रूप में जन्म लूंगी, लेकिन महादेव आपको भी मेरी प्रसन्नता का ध्यान रखना होगा।