सौर ऊर्जा के जरिए बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को रोशन करने की दिशा में प्रयास कर रही सरकार, चार लेन वाले 296 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ सोलर पैनल्स लगाने की शुरू हुई तैयारी, पीपीपी मॉडल के जरिए परियोजना को दिया जाएगा मूर्त रूप, हाइवे के मेन कैरियज वे और सर्विस लेन के बीच खाली पड़े 15 से 20 मीटर चौड़ाई वाले क्षेत्र को सोलर पैनल्स लगाकर सौर ऊर्जा से लैस किए जाने की है योजना
यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी। अत्याधुनिक बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे 7 जिलों से होकर गुजरता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा। इस क्षेत्र में महान औद्योगिक विकास होगा और इससे स्थानीय युवाओं के लिए अधिक अवसर आएंगे।
