सरकार ने सोमवार को लोकसभा को सूचित किया कि अपराध से संबंधित 1000 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर और क्रिप्टो संपत्ति को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत कुर्क या जब्त किया गया है। साथ ही, ऐसी कंपनियों द्वारा नवंबर 2022 और अप्रैल 2019 के बीच अनुमानित जीएसटी चोरी करीब 22,936 करोड़ रुपये थी।
