शहर में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने की कोशिशों के तहत दिल्ली सरकार ने 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी जारी रखने का फैसला किया है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 3 और 4 के तहत उपायों को रद्द कर दिया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 488 दर्ज किया, जिससे शहर खतरनाक 'गंभीर प्लस' श्रेणी में आ गया।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता खराब हो रही स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 के तहत सख्त प्रदूषण-रोधी उपायों के क्रियान्वयन में देरी के लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है।
14 नवंबर को दिल्ली की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। दिल्ली में आज AQI का स्तर गिरकर 400 के पार हो गया है। लोगों को सांस लेने में हो रही दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन की शिकायतें सामने आ रही हैं।
दिल्ली का प्रदूषण स्तर पहुंचा खराब श्रेणी में, दिवाली और छठ पूजा से पहले यमुना नदी में लगा झाग का पहाड़
अपने अनुभव से सीखते हुए, भारत में चीनी दूतावास ने उन उपायों के बारे में बताया है जो बीजिंग ने अपनी हवा को साफ करने के लिए उठाए थे। जानिए क्या हैं वो उपाय?
बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय ने घोषणा की कि दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से ही काम करेंगे।
मौसम विज्ञान संस्थान ने अपने दैनिक बुलेटिन में पूर्वानुमान लगाया है कि अगले छह दिनों तक वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ या ‘गंभीर+’ श्रेणी में रहेगी।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता सूचकांक के लगातार दूसरे दिन ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंचने के कारण, दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने और कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित करने का फैसला किया है।
दिवाली से पहले दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्थिति में पहुंच गई है और जल्द इसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है।
धान की कटाई का सीजन अभी शुरू ही हुआ है लेकिन पंजाब में इस साल अब तक पराली जलाने की घटनाएं पिछले साल के मुकाबले 10 गुना बढ़ चुकी हैं।








