भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) देश की GDP का 30% हिस्सा हैं और 110 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति MPC ने शुक्रवार को रेपो रेट को 50 आधार अंकों से बढ़ाकर 5.90 कर दिया।
FICCI के सर्वेक्षण के अनुसार, 2022-23 के लिए कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए औसत विकास पूर्वानुमान 3.3 प्रतिशत रखा गया है। वित्त वर्ष के दौरान उद्योग और सेवा क्षेत्रों के क्रमशः 5.9 प्रतिशत और 8.5 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
दूसरी तिमाही में धीमी रही अर्थव्यवस्था की विकास दर, जुलाई-सितंबर तिमाही में 6.3 फीसदी रही GDP
भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर ब्रिटेन से आगे निकल गया। भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2021 के अंतिम तीन महीनों में ब्रिटेन को पीछे छोड़ दिया है।
सांख्यिकी मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत की जीडीपी वित्त वर्ष 22 में 8.9 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है, जो जनवरी 2022 की शुरुआत में जारी 9.2 प्रतिशत के पहले अग्रिम अनुमान से कम है।
