ग्लोबल कोल माइन ट्रैकर (Global Coal Mine Tracker) के डेटा से हमें दुनिया में 4300 सक्रिय और प्रस्तावित कोयला खदानों तथा परियोजनाओं में व्याप्त रोजगार के अवसरों के बारे में अपनी तरह का पहला जायजा मिलता है। यह खदानें दुनिया में होने वाले कुल कोयला उत्पादन में 90% से ज्यादा का योगदान करती हैं।
भारत ने वर्ष 2025 तक 76 गीगावॉट यूटिलिटी स्केल सौर (solar power) और पवन बिजली (wind power) उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इससे भारत 19.5 बिलियन डॉलर (1588 बिलियन रुपए) बचा सकता है। ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (Global Energy Monitor) के ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है।
क्या आपको पता है दुनिया के किस देश में सौर ऊर्जा (Solar Power) उत्पादन की सबसे ज़्यादा क्षमता है? अच्छा...
ग्लोबल स्टील प्लांट ट्रैकर के डेटा के वार्षिक सर्वेक्षण में पाया गया है कि कोयला आधारित स्टील उत्पादन क्षमता में वृद्धि का लगभग पूरा काम (99 प्रतिशत) एशिया में ही हो रहा है और चीन तथा भारत की इन परियोजनाओं में कुल हिस्सेदारी 79 प्रतिशत है।
दुनिया में स्टील और लोहे के डीकार्बनाइजेशन सम्बन्धी प्रयासों पर नजर रखने वाली संस्था ग्लोबल एनर्जी मॉनिटर (Global Energy Monitor)...
एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर में कोयला आधारित ऊर्जा (coal based energy) के लिए उदासीनता बढ़ रही है।...



