वैश्विक तेल कीमतों में उछाल, बढ़ते ईंधन आयात बिल और गिरते रुपये के बीच भारत एक बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। ऐसे समय में मोनाको की एक फ़्यूल टेक्नोलॉजी कंपनी ने दावा किया है कि भविष्य का सबसे बड़ा ईंधन समाधान कहीं दूर नहीं, बल्कि पानी में छिपा हो सकता है।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (Green Hydrogen Mission) को रफ्तार देते हुए हाल ही में भारत सरकार ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आर एण्ड डी (अनुसंधान एवं विकास) रोडमैप पेश किया है।


