Atal Canteens: दिल्ली में ₹5 में खाना! 25 नई अटल कैंटीन शुरू, अब 100 सेंटर; जानें प्रमुख जगहें

Atal Canteens: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने हाल ही में राजधानी में 25 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। ये नए आउटलेट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के मौके पर शुरू किए गए।

₹5 में दिन में दो बार मिलेगा खाना
इन कैंटीनों में लोगों को दिन में दो बार सिर्फ ₹5 में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का दावा है कि 100 अटल कैंटीनों के जरिए रोजाना करीब 1 लाख लोगों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

‘कोई भूखा न सोए’—रेखा गुप्ता ने बताया सरकार का लक्ष्य
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अटल कैंटीनों के जरिए सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और हर किसी को सम्मान के साथ भोजन मिले।

गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंदों को मिलेगा सस्ता और पौष्टिक भोजन
पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भी इस पहल की सराहना की। योजना का उद्देश्य गरीबों, झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और रोजगार की तलाश में देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाले लोगों को कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।

‘अंत्योदय’ की भावना से आगे बढ़ रही अटल कैंटीन योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल कैंटीनें ‘अंत्योदय’ की भावना को आगे बढ़ाती हैं। उन्होंने विशेष रूप से यूनिवर्सिटी क्षेत्र में शुरू की गई कैंटीन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे जरूरतमंद छात्रों को भी कम कीमत में पौष्टिक भोजन मिल सकेगा।

हर कैंटीन में रोजाना करीब 1,000 लोगों के भोजन का लक्ष्य
इस योजना के तहत हर अटल कैंटीन में रोजाना करीब 1,000 लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। यानी 100 कैंटीनों के जरिए हर दिन लगभग 1 लाख लोग ₹5 में खाना प्राप्त कर सकेंगे। सालाना आधार पर यह संख्या करीब 3.65 करोड़ लोगों तक पहुंच सकती है।

अब तक बांटे गए करीब 95 लाख सब्सिडी वाले भोजन
पिछले साल 25 दिसंबर को अटल कैंटीन योजना शुरू होने के बाद से अब तक करीब 95 लाख सब्सिडी वाले भोजन लोगों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। सरकार के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था के विस्तार के बाद ये कैंटीन सालभर में साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता रखती हैं।