तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन ने UNGA में फिर उठाया कश्मीर मुद्दा, बातचीत से समाधान की कही बात

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में अपने संबोधन के दौरान एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने दक्षिण एशिया के विवादों को बातचीत के जरिए और संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा संबंधित प्रस्तावों के दायरे में सुलझाने की बात कही।

एर्दोगन ने अपने भाषण में कहा कि दक्षिण एशिया में कश्मीर मुद्दे समेत सभी विवादों को बातचीत के जरिए, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों के तहत संबोधित किया जाना चाहिए। उनका यह बयान संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी के दौरान आया।

UNGA में पहले भी कश्मीर का जिक्र कर चुके हैं एर्दोगन
कश्मीर का मुद्दा एर्दोगन के UNGA भाषणों में पहले भी सामने आता रहा है। सितंबर 2019 में 74वें UNGA सत्र के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर टिप्पणी की थी। उस समय भारत ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

इसके बाद भी एर्दोगन ने अलग-अलग मौकों पर कश्मीर का उल्लेख किया। 2025 के UNGA सत्र में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत करते हुए कश्मीर मुद्दे के समाधान की बात कही थी।

भारत का क्या है रुख?
कश्मीर पर भारत का रुख लंबे समय से स्पष्ट रहा है। नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताती है और पाकिस्तान के साथ लंबित मुद्दों को द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सुलझाने की बात करती रही है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को उठाने और तीसरे पक्ष की भूमिका के प्रयासों पर भी आपत्ति जताई है। सितंबर 2026 में जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने भी जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया था।

2019 के बाद भारत-तुर्की संबंधों पर असर
अगस्त 2019 में भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव के बाद एर्दोगन की कश्मीर संबंधी टिप्पणियां भारत-तुर्की संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बन गई थीं। 2019 के UNGA में उनके बयान के बाद नई दिल्ली ने तुर्की से भारत की संप्रभुता का सम्मान करने और आंतरिक मामलों पर टिप्पणी से बचने को कहा था।

2026 में फिर चर्चा में कश्मीर
एर्दोगन का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब 81वें UNGA सत्र में दुनिया के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 81वें महासभा सत्र की सामान्य बहस 22 से 26 सितंबर और 28 सितंबर 2026 को निर्धारित है।

कश्मीर पर एर्दोगन की ताजा टिप्पणी को तुर्की के पहले के रुख की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, भारत इस मुद्दे पर तीसरे पक्ष की भूमिका और अंतरराष्ट्रीयकरण का विरोध करता रहा है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)