गर इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध होता है और अमेरिका उसमें सक्रिय रूप से शामिल हो जाता है, तो यह केवल एक सीमित युद्ध न रहकर एक पूर्ण क्षेत्रीय संघर्ष बन सकता है।
मजबूत डॉलर और इजराइल-ईरान संघर्ष में अमेरिका की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार सुबह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
ईरान में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को तेहरान में सभी भारतीय नागरिकों के लिए एक सलाह जारी की, जिसमें उनसे ईरानी शहर से बाहर चले जाने का आग्रह किया गया, क्योंकि इजरायल शुक्रवार से इस्लामिक गणराज्य पर हमला करना जारी रखे हुए है।
आईडीएफ ने यह भी कहा कि उसने बेरूत पर हमले के दौरान हिजबुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर को मार गिराया है।
एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, रविवार को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी (Ebrahim Raisi)और विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन (Hossein Amir-Abdollahian) की मृत्यु हो गई है। उनकी इस अकस्मात मृत्यु से पूरा ईरान शोक में डूब गया है।
राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने दुनिया के प्रमुख वैश्विक सम्मेलन, संयुक्त राष्ट्र महासभा में उच्च स्तरीय नेताओं की बैठक के मौके पर मीडिया अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कहा, "हम यूक्रेन में युद्ध के खिलाफ हैं।"
If a war breaks out between Israel and Iran and the US gets actively involved, it could turn into a full-blown regional conflict, instead of just a limited war, whose reverberations will be felt across the world.
भारत सरकार द्वारा संचालित निकासी अभियान के तहत बुधवार को 90 कश्मीरी छात्रों को ईरान से निकाला गया। युद्धग्रस्त देश में फंसे छात्रों को आर्मेनिया के रास्ते भारत लाया जा रहा है।
इजराइल (Israel) के एक वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री ने ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) पर इजराइली नागरिक क्षेत्रों पर हवाई हमले करने का आरोप लगाया है।
वैसे तो डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है मगर कभी-कभी वास्तव में डॉक्टर भगवान ही होते हैं ऐसे ही हाल में हुआ।
ईरान और इज़राइल के बीच तनाव के कारण भारतीय एयरलाइंस को उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ रहा है, जिससे एयरलाइंस का खर्च काफी बढ़ रहा है और समय भी ज्यादा लग रहा है।
ईरान (Iran) ने मंगलवार को एक भूमिगत वायु सेना अड्डे "ईगल 44" (Eagle 44) का खुलासा किया। ईरानी राज्य मीडिया ने ईगल 44 को अपनी तरह का पहला पर्याप्त भूमिगत वायु सेना आधार (underground air force base) बताया जो कि लड़ाकू जेट विमानों (fighter jets) को रख सकता है।










