झालरापाटन का यह विशाल सूर्य मंदिर, पद्मनाथजी मंदिर, बड़ा मंदिर, सात सहेलियों का मंदिर आदि अनेक नामों से प्रसिद्ध है। मंदिर का निर्माण खजुराहो एवं कोणार्क शैली में हुआ है। यह शैली ईसा की दसवीं से तेरहवीं सदी के बीच विकसित हुई थी।
राजस्थान (Rajasthan) में झालरापाटन (Jhalrapatan) का सूर्य मंदिर (Surya Mandir) अपनी प्राचीनता और स्थापत्य वैभव के कारण कोणार्क के सूर्य मंदिर और ग्वालियर (Gwalior) के 'विवस्वान मंदिर' (Vivaswan Temple) का स्मरण कराता है।
