अयोध्या में 993 करोड़ और मथुरा में 3837 करोड़ की परियोजनाएं उतरीं धरातल पर, वाराणसी में 1748 करोड़ की परियोजनाओं में शुरू हुआ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को धाराताल पर उतारते हुए उत्तर के प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी...
प्रधानमंत्री ने वाराणसी को दी 1780 करोड़ की 28 विकास परियोजनाओं की सौगात, वाराणसी में देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट का भी किया शुभारंभ
मान्यताओं के अनुसार कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश (Ganesh Bhagwan) की पूजा की जानी जरूरी है। भगवान गणेश सभी लोगों के दुखों को हरते हैं। काशी (Kashi) में जिसे खासतौर पर भगवान शिव की नगरी कहा जाता है, यह उनके पुत्र भगवान गणेश के लिए भी प्रचलित है। काशी में ही शिव जी के पुत्र भगवान गणेश अपने विशेष रूप में स्थापित हैं।
CM की मंशा, देव दीपावली पर अलौकिक छटा बिखेरे नव्य-भव्य विश्वनाथ धाम परिसर, लोकार्पण समारोह की तर्ज पर ही सजाया जाएगा काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, विशाखापट्टनम के डेकोरेटर बिना शुल्क के सजाएंगे बाबा विश्वनाथ का धाम, वाराणसी में 7 नवंबर को मनाया जाएगा देव दीपावली का महा उत्सव, इस साल 10 लाख दीयों की जगमगाहट से काशी के घाट बनाएंगे रिकॉर्ड, दो दिन तक होगी नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ धाम की दिव्य सजावट
नई दिल्ली: भाजपा ने सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) -ज्ञानवापी मस्जिद विवाद (Gyanvapi Mosque Controversy) पर अपना...
काशी आने पर बाबा विश्वनाथ व कालभैरव में मत्था टेकते गोरक्षपीठाधीश्वर, सीएम ने की देश व प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना
सूर्यदेव भगवान् विष्णु को गुरु मानकर उनके उत्तर भाग में आज भी स्थित हैं इसलिए वे केशवादित्य के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे काशी में अपने भक्त के अज्ञानमय अंधकार को दूर करते हैं और उनसे प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित सिद्धि देते हैं।
काशी (Kashi) यानी वाराणसी (Varanasi) में हनुमान जी (Hanuman ji) का मंदिर आस्था और विश्वास का बहुत बड़ा धार्मिक स्थल माना गया है। संकटमोचन मंदिर (Sankatmochan Mandir) के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर का इतिहास करीब 400 साल पुराना है।
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार शाम वाराणसी पहुंचे। यहां सर्किट हाउस सभागार में उन्होंने आला अधिकारियों के साथ बैठक की।...
पूरी दुनिया में मान्यता है कि काशी में 33 कोटि देवी-देवता के अलावा देवताओं के गुरु बृहस्पति विराजते है। मोक्ष नगरी काशी में इस गुरु बृहस्पति मंदिर की पौराणिक मान्यता है। अनादि काल से इस जीवंत मंदिर में स्वतः देव गुरु विराजते हैं। दरसअल सावन के इस पवित्र महीने में देव गुरु बृहस्पति (Guru Brihaspati) का सावन (Sawan) के पहले गुरुवार को हरियाली श्रृंगार (Hariyali Shringar) किया जाता है।
काशी में पर्यटकों की लगातार बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सरकार वाराणसी में कई योजनाओं पर कर रही है काम। काशी में गंगा और घाटों को प्रदूषण से मुक्त करने का तेजी से चल रहा प्रयास है। गंगा में डीज़ल व पेट्रोल इंजन से चलने वाली बोट को देवदीपावली तक सीएनजी में कर लिया जाएगा तब्दील।






