जीवात्मा के पूर्वजन्मों कृत कर्म और संस्कार ही प्रारब्ध बनकर अगले जन्म में सुख-दुख के स्वरूप मे...
जीवात्मा के पूर्वजन्मों कृत कर्म और संस्कार ही प्रारब्ध बनकर अगले जन्म में सुख-दुख के स्वरूप मे...
जीवात्मा के पूर्वजन्मों कृत कर्म और संस्कार ही प्रारब्ध बनकर अगले जन्म में सुख-दुख के स्वरूप मे...