यह मंदिर आस्था केंद्र होने के साथ-साथ अपनी अनूठी वास्तुकला और जटिल शिल्पकला के लिए भी जाना जाता है, जो इसके आकर्षण में चार चाँद लगाने का कार्य करती है।
बुधवार का दिन भगवान गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित है। इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा के साथ विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करते हैं। गणेश भगवान को रिद्धि सिद्धि का दाता कहा जाता है और किसी भी पूजा को शुरू करने से पहले गणेश जी की पूजा अवश्य की जाती है
‘गणेश टोक’ (Ganesh Tok) गंगटोक (Gangtok) में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित मंदिर है। गंगटोक से 6 किमी की दूरी पर स्थित यह मंदिर, ताशी व्यूपॉइंट के पास, गणेश टोक व्यू पॉइंट गंगटोक के सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में से एक है।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान गणेश (Lord Ganesha) जी का सिर हाथी का और एक दांत टूटे होने के कारण...
भगवान गणेश (Lord Ganesha) के एक ऐसे चमत्कारिक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी (Puducherry) में स्थित है। शास्त्रों में वर्णित इस मनाकुला विनायगर मंदिर (Manakula Vinayagar Temple) की विशेषता है यहाँ विराजमान चमत्कारी प्रतिमा, जिसे फ्रांसीसियों ने नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन हमेशा असफल रहे।
मान्यताओं के अनुसार कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश (Ganesh Bhagwan) की पूजा की जानी जरूरी है। भगवान गणेश सभी लोगों के दुखों को हरते हैं। काशी (Kashi) में जिसे खासतौर पर भगवान शिव की नगरी कहा जाता है, यह उनके पुत्र भगवान गणेश के लिए भी प्रचलित है। काशी में ही शिव जी के पुत्र भगवान गणेश अपने विशेष रूप में स्थापित हैं।
विघ्नों के नाशक माने जाने वाले भगवान गणेश (Lord Ganesha) ने कभी तुलसी के प्रेम को अस्वीकार कर दिया था और नाराज होकर उसे शाप भी दिया था। फिर गणेश जी ने भी तुलसी को शाप दिया।
भगवान गणपति की विशाल मूर्ति की स्थापना के लिए पहले इस जमीन पर एक इंटरनेशनल पार्क बनाया गया है। इसे सिटी ऑफ गणेश (City of Ganesh) के नाम से पुकारा जाता है। इस मूर्ति के निर्माण में (2008-2012) पूरे चार साल का समय लगा।
तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले में भगवान गणेश (Lord Ganesha) का आदि विनायक मंदिर (Vinayak Mandir) अपनी खासियत और पौराणिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर दूसरे मंदिरों से बिल्कुल अलग है। जहां हर मंदिर में भगवान गणेश गज रूप में विराजमान हैं, तो वहीं इस मंदिर में भगवान की पूजा इंसान के रूप में की जाती है।
वरदविनायक मंदिर (Varadvinayak Temple) भगवान गणेशजी (Lord Ganesha) के अष्टविनायको (Ashtavinayak) में से एक है। यह मंदिर भारत में महाराष्ट्र राज्य के रायगढ़ जिले के कर्जत और खोपोली के पास खालापुर तालुका के महड गाँव में स्थित है।
वरदविनायक मंदिर (Varadvinayak Mandir) हिन्दू देवता गणेश (Lord Ganesha) के अष्टविनायको (Ashtavinayak) में से एक है। यह मंदिर भारत में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कर्जत और खोपोली के पास खालापुर तालुका के महड गाँव में स्थित है। इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को स्वयंभू कहा जाता है।
भगवान गणेश (Lord Ganesha) के शीश कटने को लेकर पुराणों में कई कथाएं प्रचलित हैं। इन्हीं में से एक कथा है कि शनिदेव (Shanidev) के कारण ही भगवान गणपति का शीश कटा था। ब्रह्मवैवर्तपुराण में इस कथा का वर्णन है।










