भगवान शिव की बात सुनकर पार्वती मुस्कुरा उठी और कहा कि प्रभु आपकी इच्छा को पूर्ण करने के लिए मैं अवश्य मृत्यु लोक में पुरुष के रूप में अवतरित होऊंगी। आपकी प्रसन्नता के लिए मैं पृथ्वी पर वासुदेव के घर पुरुष के रूप में जन्म लूंगी, लेकिन महादेव आपको भी मेरी प्रसन्नता का ध्यान रखना होगा।