पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक Sonam Wangchuk को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने उनके खिलाफ National Security Act (NSA) के तहत लागू निरोधात्मक हिरासत को समाप्त कर दिया है, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की पत्नी गीतांजलि अंगमो (Geetanjali Angamo) ने जेल में बंद कार्यकर्ता पर लगे "पाकिस्तान लिंक" और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का खंडन किया।
दिल्ली में लद्दाख भवन के बाहर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk detained) द्वारा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे ‘मूक विरोध’ में भाग लेने वाले कई लोगों को रविवार को हिरासत में लिया गया।
लेह शीर्ष निकाय (LAB) ने सोमवार को घोषणा की कि वह लद्दाख में सामान्य स्थिति बहाल होने और अनुकूल माहौल बनने तक गृह मंत्रालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत से दूर रहेगा।
लद्दाख के डीजीपी एसडी सिंह जामवाल ने वांगचुक पर 24 सितंबर की घटनाओं के दौरान लेह में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया, जिसमें कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 अन्य घायल हो गए।
लद्दाख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद रविवार को भूख हड़ताल शुरू कर दी।



