ट्विन टावर (Twin Tower) से दुनिया भर में चर्चित हुए दिग्गज बिल्डर सुपरटेक (Supertech) मालिक आरके अरोड़ा (R K Arora) की मुसीबत बढ़ गई है।
नोएडा का ट्विन टावर के मलबे के निस्तारण का खर्च भी सुपरटेक ही वहन करेगा। सुपरटेक और एडीफीस के बीच हुए करार के मुताबिक एडीफीस प्लांट तक मलबा पहुंचाएगा और 156 रुपए प्रति टन के हिसाब से 28 हजार टन के करीब 43 लाख 68 हजार रुपए सुपरटेक चुकाएगा।
उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) में सुपरटेक (Supertech) के अवैध ट्विन टावरों (Illegal Twin Towers) को गिराने की संभावित तारीख 21 अगस्त नजदीक आती जा रही है। इस बीच टावरों के अंदर विस्फोटक रखने के लिए नोएडा पुलिस ने NOC जारी कर दी है। टावरों को ध्वस्त करने में कुल 3,700 किलो विस्फोटक लगना है।
रियल्टी फर्म सुपरटेक (Supertech) लिमिटेड, जिसे अपने ट्विन टावरों (Twin Tower) के विध्वंस से लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, उसी स्थान पर एक नई आवास परियोजना विकसित करना चाहती है और अगर अधिकारियों ने मंजूरी नहीं दी तो वह जमीन की लागत और अन्य खर्चों की वापसी की मांग करेगी।
इसके लिए 9640 छेद में 3700 किलो बारूद का प्रयोग किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्त की जाएंगी 32 व 29 मंजिली इमारतें

