ट्विन टावर (Twin Tower) से दुनिया भर में चर्चित हुए दिग्गज बिल्डर सुपरटेक (Supertech) मालिक आरके अरोड़ा (R K Arora) की मुसीबत बढ़ गई है।
नोएडा का ट्विन टावर के मलबे के निस्तारण का खर्च भी सुपरटेक ही वहन करेगा। सुपरटेक और एडीफीस के बीच हुए करार के मुताबिक एडीफीस प्लांट तक मलबा पहुंचाएगा और 156 रुपए प्रति टन के हिसाब से 28 हजार टन के करीब 43 लाख 68 हजार रुपए सुपरटेक चुकाएगा।
रियल्टी फर्म सुपरटेक (Supertech) लिमिटेड, जिसे अपने ट्विन टावरों (Twin Tower) के विध्वंस से लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, उसी स्थान पर एक नई आवास परियोजना विकसित करना चाहती है और अगर अधिकारियों ने मंजूरी नहीं दी तो वह जमीन की लागत और अन्य खर्चों की वापसी की मांग करेगी।
इसके लिए 9640 छेद में 3700 किलो बारूद का प्रयोग किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ध्वस्त की जाएंगी 32 व 29 मंजिली इमारतें

