इस फिल्म में नुसरत ने मुख्य भूमिका निभाई और कहानी की प्रेरक शक्ति थी। ऐसे में सिनेमा में अब महिलाओं की भूमिकाओं में कैसे बदलाव आया है, इस बारे में उन्होंने बात की। नुसरत को लगता है कि अब महिला किरदार फिल्मों में सिर्फ एक आर्म कैंडी बनकर नहीं रह गए है और वो स्तरित और जटिल हो गए हैं।