उत्तर प्रदेश के बरेली: इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल, बरेली शरीफ के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को ज्ञानवापी मामले पर 'जेल भरो' का आह्वान करने के आरोप में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद पथराव की घटना सामने आई।
सर्वेक्षण के दौरान, एएसआई टीमों को मंदिर वास्तुकला से संबंधित कई प्रतीक मिले, जैसा कि हिंदू पक्ष ने दावा किया था।
ज्ञानवापी (Gyanvapi) मस्जिद विवाद की सुनवाई कर रही वाराणसी जिला अदालत ने गुरुवार को मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखा और 7 अक्टूबर को सुनाया जाएगा। हिंदू पक्ष ने 'शिवलिंग' (Shivlinga) और 'अर्घा' की कार्बन डेटिंग की वैज्ञानिक जांच की मांग की, जिसका मस्जिद समिति द्वारा विरोध किया गया।
हाथरस सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई है और 11 लोग घायल हो गए हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को इस दुखद सड़क दुर्घटना में सात पुरुषों, चार महिलाओं और चार बच्चों सहित 15 लोगों की मौत की पुष्टि की।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार को फुलहारी गांव के पास भगदड़ के कारण 120 से अधिक लोगों की जान लेने वाले ‘भोले बाबा’ को कथित तौर पर 2020 में गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि वे मृतकों को भी जीवित कर सकते हैं।
सेवादारों का कबूलनामा, भोले बाबा की चरणरज लेने के लिए भीड़ को अनियंत्रित छोड़ा, जिसके बाद हुआ बड़ा हादसा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को परिसर को सील करने और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी
वाराणसी: अविमुक्तेश्वरानंद (Avimukteshwaranand) को ज्ञानवापी (Gyanvapi) जाने से रोकने के लिए उनके केदारघाट स्थित मठ को पुलिस ने घेर लिया...
नशे में धुत आरोपी जेसीबी चालक ने टोल मांगने पर की थी तोड़फोड़, पुलिस ने गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी चालक धीरज को भेजा जेल
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 2 जुलाई को आयोजित नारायण साकार हरि ‘भोले बाबा’ के ‘सत्संग’ कार्यक्रम के दौरान हुई भगदड़ के सिलसिले में दायर चार्जशीट में ‘भोले बाबा’ का नाम आरोपी के तौर पर गायब है।
हादसे में 121 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि, मृतकों में 113 महिलाएं, 6 बच्चे और 2 पुरुष शामिल, मृतकों में यूपी के 17 जनपदों के कुल 106 श्रद्धालु, यूपी के बाहर 3 जनपदों के 6 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि, यूपी के बाहर के हरियाणा के 4 और मध्य प्रदेश व राजस्थान के एक-एक श्रद्धालु की हुई मृत्यु
क्या यह उत्तर प्रदेश पुलिस की लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक के कारण है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद भोले बाबा का नाम एफआईआर में मुख्य आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया?










