लखनऊ: कांवड़ संघों के श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा रद करने के फैसले को प्रदेश सरकार ने सराहनीय कदम बताया है। सरकार कहना है कि है। सरकार का कहना है कि वह सभी नागरिकों की आस्था का पूरा सम्मान करती है। आस्था के मुद्दे पर समाज स्वयं निर्णय लें, यही उचित है। वह कांवड़ संघों की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है। संघों का राज्य हित में उनका उठाया गया कदम बहुत ही सराहनीय व एतिहासिक है। पिछले साल भी कांवड़ संघों ने कोरोना को देखते हुए अपनी कांवड़ यात्रा रद कर दी थी। सावन मास की धार्मिक परंपरा के तहत 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा प्रस्तावित थी।
प्रदेश सरकार के अनुसार श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा को लेकर कांवड़ संघों ने अधिकारियों के साथ वार्ता की थी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए वार्ता के दौरान कांवड़ संघ ने इस साल भी यात्रा स्थगित रखने का निर्णय लिया। सीएम ने कहा कि कावंड़ संघ की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कांवड़ यात्रा स्थगित करने का जो निर्णय लिया है। वह बहुत ही सराहनीय है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों की आस्था का पूरा सम्मान करती है।

