नई दिल्लीः अलीबाबा (Alibaba) समूह के संस्थापक चीनी अरबपति जैक मा (Jack Ma) पिछले 2 महीने से गायब है। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अपनी कंपनी अलीबाबा के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग में राज करने वाले जैक मा का चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ विवाद हुआ था, उसके बाद वह नहीं देखे गए हैं। जैक मा ने देश के वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की पिछले साल अक्टूबर में शंघाई में कड़ी आलोचना की थी। 56 वर्षीय व्यापारी जैक मा को दो महीने से अधिक समय तक सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।
जैक मा हाल ही में सुर्खियों में रहे हैं क्योंकि चीन में उन्होंने अपनी कंपनी के जरिए अपना साम्राज्य फैलाया हुआ था। दिसंबर के अंत में, चीनी नियामकों ने देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा में एक अविश्वास जांच शुरू की, जिसे कुछ लोग ‘चीन का अमेजन’ कहते हैं।
अक्टूबर में शंघाई में एक सम्मेलन में मा की चीन की वित्तीय नियामक प्रणाली की आलोचना के बाद नए नियम आए। सम्मेलन में, मा ने कथित तौर पर चीन द्वारा इस्तेमाल किए गए वैश्विक वित्तीय नियमों को ‘एक पुराने लोगों के क्लब’ के रूप में खारिज कर दिया और कहा, ‘‘हम भविष्य को विनियमित करने के लिए कल के तरीकों का उपयोग नहीं कर सकते हैं।’’
डेट-फाइनेंसिंग स्टार्टअप कैपिटल के सीईओ ब्लेयर सिल्वरबर्ग ने नवंबर में बिजनेस इनसाइडर केटी कैनेल को बताया कि नए नियमों को पेश किया गया था, इसलिए सरकार जैक मा पर अपने वर्चस्व का दावा कर सकती है।
नवंबर महीने में चीनी अधिकारियों ने जैक मा को जोरदार झटका दिया और उनके एंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को निलंबित कर दिया। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा के एंट ग्रुप के आईपीओ को रद करने का आदेश सीधा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से आया था। इसके बाद जैक मा से क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कहा गया कि वह तब तक चीन से बाहर न जाएं जब तक कि उनके अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच को पूरा नहीं कर लिया जाता है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में ही जैक मा अपने टीवी शो ‘अफ्रीका बिजनस हीरोज’ से नवंबर में फाइनल से ठीक पहले रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। यही नहीं शो से उनकी तस्वीर को भी हटा दिया गया। अलीबाबा समूह के प्रवक्ता ने कहा कि जैक मा कार्यक्रम के सिड्यूल के विवाद के कारण अब जजों के पैनल के हिस्सा नहीं हैं। इस शो को नवंबर में फिल्माया गया था, लेकिन अभी तक जारी नहीं किया गया है।
आपको बता दें कि चीन की निरंकुश सरकार में आवाज को दबाए जाने वाले जैक मा पहले ऐसे शख्स नहीं हैं। चीन बड़ी संख्या में अपने देश में ऐसे लोगों को नजरबंद कर चुका है या गायब कर चुकी है, जो कम्युनिस्ट पार्टी या शी जिनपिंग सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं।
(With agency input)

