हेल्थ सेक्टर पर वित्त मंत्री ने किया फोकस, जानें और क्या-क्या मिला इस बजट में

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021-22 को संसद में पेश कर रही हैं। निर्मला सीतारमण का यह लगतार तीसरा बजट है। संसद में बजट पेश होने से पहले केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक हुई, जिसमें उसे मंजूरी मिली। सरकार के स्वास्थ्य देखभाल खर्च पर बोलते हुए, सीतारमण ने कोविड-19 टीका कार्यक्रम पर 35,000 करोड़ रुपये के साथ स्वास्थ्य सेवा पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए सरकार के 27.1 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज से संरचनात्मक सुधारों को बढ़ावा मिला है। सीतारमण ने आम बजट में 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में कोविड-19 के दो टीके हैं तथा दो अन्य टीकों की पेशकश जल्द की जाएगी। 

सीतारमण ने अब तक के अपने भाषण में एक नई वाहन स्क्रैपिंग नीति की घोषणा की है जिसका उद्देश्य ऑटो क्षेत्र को बढ़ावा देना है। उसने एक विकास वित्तीय संस्थान की स्थापना की भी घोषणा की है। बिजली क्षेत्र में, सीतारमण ने एक ढांचा बनाने के लिए सरकार के प्रस्ताव की घोषणा की जो उपभोक्ताओं को एक से अधिक बिजली वितरण कंपनी से चुनने का विकल्प देगा। इस साल चार राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, इसे देखते हुए वित्तमंत्री ने अपने बजट में इन राज्यों को जोड़ने वाले राजमार्गों पर महत्वपूर्ण खर्च की घोषणा की है।

2020-21 में अनुमानित 7.7 प्रतिशत संकुचन के बाद, वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की वास्तविक जीडीपी 2021-22 में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। वर्ष के दौरान 4.4 प्रतिशत मुद्रास्फीति की धारणा का अनुमान लगाते हुए, मामूली सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि का अनुमान 15.4 प्रतिशत लगाया गया है।

सीतारमण ने 2021-22 के बजट को ‘पहले जैसा बजट होगा’ कहकर उम्मीद जगाई है। उम्मीदें अधिक हैं कि सरकार कोविद -19 महामारी और लॉकडाउन प्रतिबंधों से प्रभावित बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, एमएसएमई क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके आर्थिक पुनरुद्धार को बढ़ावा देगी।

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तहत सीतारमण का तीसरा बजट होगा। परंपरा से महत्वपूर्ण प्रस्थान में, इस वर्ष का बजट अद्वितीय होगा क्योंकि यह पेपरलेस होगा।

वित्तमंत्री ने 2021-22 के बजट में क्या-क्या दिया
-वित्त मंत्री ने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के लिये अलग से बनाये गये विशेष गलियारों को बाजार पर चढ़ाएगी। वित्त मंत्री ने 2021-22 के बजट भाषण में कहा कि गेल इंडिया लि., इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और एचपीसीएल की 20 पाइपलाइन को बाजार पर चढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के 4.39 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले अगले वित्त वर्ष के लिये 5.54 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा।

– निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय रेल योजना 2030 तैयार हो गई है। रेलवे के लिए 1 लाख 10 हजार 55 करोड़ रुपये की पूंजी आवंटित की गई है। । 2030 से नई रेल योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है। 

-पश्चिम बंगाल में नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का ऐलान। वित्त मंत्री ने कहा कि 25,000 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिम बंगाल में 675 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं, 65,000 करोड़ रुपये के निवेश से केरल में 1,100 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि 1.03 लाख करोड़ रुपये के निवेश से तमिलनाडु में 3,500 किमी के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया जाएगा।

-उत्पादन आधारित योजना (पीएलआई) पर इस वित्त वर्ष से शुरू अगले पांच साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगेरू वित्त मंत्री।

– वित्त मंत्री ने कहा कि अगले पांच साल में 1,41,678 करोड़ रुपये के व्यय के साथ स्वच्छ भारत के दूसरे चरण का क्रियान्वयन किया जाएगा।

-सरकार की ओर से 64,180 करोड़ रुपये इसके लिए दिए गए हैं और स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया गया है। इसी के साथ सरकार की ओर से डब्ल्यूएचओ के स्थानीय मिशन को भारत में लॉन्च किया जाएगा। इतना ही नहीं, वित्त मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 2021 तक 5 वर्षों की अवधि में 1,41,678 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय आवंटन के साथ लागू किया जाएगा।

– उन्होंने कहा कि बजट प्रस्ताव स्वास्थ्य और जन कल्याण, भौतिक और वित्तीय पूंजी सहित छह स्तंभों पर आधारित हैं। 2020-21 के बजट में 6 स्तंभों का प्रस्तावरू 1. स्वास्थ्य और कल्याण 2. भौतिक और वित्तीय पूंजी एवं अवसंरचना 3. आकांक्षी भारत के लिए समावेशी विकास 4. मानव पूंजी में नवजीवन का संचार करना 5. नवप्रवर्तन और अनुसंधान एवं विकास 6. न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन

-वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अलावा 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत का प्रस्ताव रखा।  वित्त मंत्री ने 4,378 शहरी स्थानीय निकायों के लिये 2.87 लाख करोड़ रुपये के व्यय के साथ जल जीवन मिशन की घोषणा की।

– निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब तक केवल तीन बार अर्थव्यवस्था में गिरावट आयी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों की मदद के लिये अपने संसाधनों का यथासंभव पूरा उपयोग किया है। सरकार सतत और भरोसेमंद वृद्धि के लिये अर्थव्यवस्था के समर्थन को लेकर पूरी तरह से तैयार है।

-कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया। कोविड वैक्सीन को विकसित करने के लिए मोदी सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये की रकम का आवंटन किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर इससे ज्यादा रकम की जरूरत होती है तो वह भी उपलब्ध कराई जाएगी। 
– निर्मला सीतारमण ने श्आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजनाश् योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस पर 64 हजार करोड़ की पूंजी खर्च होगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिये आत्मनिर्भर पैकेज के तहत 27.1 लाख करोड़ रुपये की घोषणा की। आत्मनिर्भर भारत पैकेज ने संरचनात्मक सुधारों की गति को तेज किया।

-वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में दो और वैक्सीन जल्द ही लॉन्च होंगी। उन्होंने कहा कि आज भारत के पास दो वैक्सीन उपलब्ध हैं। हमने कोविड-19 के विरुद्ध स्वयं के नागरिकों को चिकित्सा की दृष्टि से सुरक्षित करना शुरू किया है। 100 या उससे अधिक देशों के लोगों को भी इसकी सुरक्ष मुहैया कराई है।

– निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी ने गरीब तबकों के लिए खजाना खोले रखा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर योजना मिनी बजट की तरह ही है। आत्मनिर्भर पैकेज ने रिफॉर्म को आगे बढ़ाया।

-वित्त मंत्री ने कहा कि जिस तरह से इस बार बजट बनाया गया वैसा पहले कभी नहीं हुआ, यह एक बड़ी चुनौती थी। पिछली बार जब हम बजट पेश कर रहे थे, तब ये पता नहीं था कि ग्लोबल इकॉनमी कहां जाने वाली है। हमने ये कल्पना नहीं की थी कि हम हेल्थ संकट की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ण लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई। इससे 80 करोड़ गरीबों को फायदा मिला। आठ करोड़ परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर मिला। 

– निर्मला सीतारमण लोकसभा ने अपने बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से देश को बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को कई आर्थिक पैकेज दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार का बजट डिजिटल बजट है, ये ऐसे वक्त में आ रहा है जब देश की जीडीपी लगातार दो बार माइनस में गई है, लेकिन ग्लोबल इकनॉमी के साथ भी ऐसा ही हुआ है। 2021 ऐतिहासिक साल होने जा रहा है, जिसपर देश की नजर है।

हेल्थ सेक्टर पर वित्त मंत्री ने किया फोकस, जानें और क्या-क्या मिला इस बजट में

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021-22 को संसद में पेश कर रही हैं। निर्मला सीतारमण का यह लगतार तीसरा बजट है। संसद में बजट पेश होने से पहले केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक हुई, जिसमें उसे मंजूरी मिली। सरकार के स्वास्थ्य देखभाल खर्च पर बोलते हुए, सीतारमण ने कोविड-19 टीका कार्यक्रम पर 35,000 करोड़ रुपये के साथ स्वास्थ्य सेवा पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। इस दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के लिए सरकार के 27.1 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज से संरचनात्मक सुधारों को बढ़ावा मिला है। सीतारमण ने आम बजट में 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ आत्मनिर्भर स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में कोविड-19 के दो टीके हैं तथा दो अन्य टीकों की पेशकश जल्द की जाएगी। 

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