थम नहीं रही संक्रमण की रफ्तार, जिले में आज 94 व्यक्ति संक्रमित

लखीमपुर (असम): जिले में आज संक्रमण के 94 मामले सामने आये है। इनमे से 14 को हॉस्पिटल में ले जाया गया है और 80 होम आइसोलेसन में रखा गया है। जिले में एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई है। इसी के साथ गत अप्रैल महीने से लेकर अब तक जिले के कुल 29 लोगों की मौत हो चुकी है। आज 5 लोगों को स्वस्थ पाया गया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दिन के 12 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाने के बावजूद भी संक्रमण की रफ्तार धीमी नहीं हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ लोग अपने संक्रमित होने की खबर प्रशासन को में देर से करते हैं और दूसरे के सम्पर्क में आने से भी परहेज नहीं करते। जबकि कुछ लोग अपने घर में ही दुबके रहते हैं। जबकि स्वास्थ्य सम्बन्धी विकार उत्पन्न होते ही अपनी जाँच करानी चाहिए और चिकित्सा सेवा लेनी चाहिए। व्यवसाय से जुड़े लोग हर रोज सैकड़ों लोगों के सम्पर्क में आते हैं। उन्हें पहले अपना टेस्ट करा लेना जरुरी है। ऐसा करना उनके साथ-साथ समाज के हित के लिए आवश्यक है। अभी भी बहुतेरे दुकानदार या ग्राहक बिना मास्क के रहते है या सही तरीके से मास्क नहीं पहनते। मास्क भले ही उनके चेहरे पर लगा हो पर उनके मुख और नाक खुले रहते हैं जो संक्रमण को हवा देने के लिए काफी हैं।

थम नहीं रही संक्रमण की रफ्तार, जिले में आज 94 व्यक्ति संक्रमित

लखीमपुर (असम): जिले में आज संक्रमण के 94 मामले सामने आये है। इनमे से 14 को हॉस्पिटल में ले जाया गया है और 80 होम आइसोलेसन में रखा गया है। जिले में एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई है। इसी के साथ गत अप्रैल महीने से लेकर अब तक जिले के कुल 29 लोगों की मौत हो चुकी है। आज 5 लोगों को स्वस्थ पाया गया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दिन के 12 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाने के बावजूद भी संक्रमण की रफ्तार धीमी नहीं हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ लोग अपने संक्रमित होने की खबर प्रशासन को में देर से करते हैं और दूसरे के सम्पर्क में आने से भी परहेज नहीं करते। जबकि कुछ लोग अपने घर में ही दुबके रहते हैं। जबकि स्वास्थ्य सम्बन्धी विकार उत्पन्न होते ही अपनी जाँच करानी चाहिए और चिकित्सा सेवा लेनी चाहिए। व्यवसाय से जुड़े लोग हर रोज सैकड़ों लोगों के सम्पर्क में आते हैं। उन्हें पहले अपना टेस्ट करा लेना जरुरी है। ऐसा करना उनके साथ-साथ समाज के हित के लिए आवश्यक है। अभी भी बहुतेरे दुकानदार या ग्राहक बिना मास्क के रहते है या सही तरीके से मास्क नहीं पहनते। मास्क भले ही उनके चेहरे पर लगा हो पर उनके मुख और नाक खुले रहते हैं जो संक्रमण को हवा देने के लिए काफी हैं।