Trump on US-Iran Talks: कतर में अमेरिका-ईरान वार्ता पर सस्पेंस, ट्रंप बोले- ‘शायद ज़रूरी हो, शायद नहीं’

Trump on US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर जारी अटकलों के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच किसी भी स्तर पर बातचीत तय नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि न तो मंगलवार को और न ही आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ किसी बैठक की योजना है।

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बघाई ने कहा, “अमेरिकी पक्ष के साथ हमारी किसी भी स्तर पर कोई बातचीत या बैठक निर्धारित नहीं है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा का ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है।

बघाई के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोहा इसलिए जा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) की शर्तों, विशेष रूप से आर्टिकल 11, के कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर काम किया जा सके। उनका यह बयान उन खबरों के एक दिन बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि वाशिंगटन और तेहरान जवाबी हमलों को रोकने और कतर की राजधानी दोहा में मुलाकात करने पर सहमत हो गए हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधि दोहा जाएंगे: व्हाइट हाउस
इससे पहले, व्हाइट हाउस ने पुष्टि की थी कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर ईरान के साथ बातचीत के लिए दोहा जाएंगे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की और कहा कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है।

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं, और ईरानियों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक अच्छा समझौता करना सबसे अच्छा रहेगा।”

ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, “ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह कल दोहा में होगी।”

दोहा वार्ता पर टिप्पणी करते हुए, ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “दोहा में होने वाली बैठक शायद महत्वपूर्ण होगी, या शायद नहीं। हमें इसका पता चल जाएगा।”

साथ ही, उन्होंने कहा कि “हम सैन्य रूप से जीत रहे हैं” और अपनी यह शर्त दोहराई कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जाना चाहिए।

क्यों है अंतिम समझौता अभी दूर
हालांकि ईरानी पक्ष हमले रोकने पर सहमत हो गया है, लेकिन उनका कहना है कि व्यापक समझौते पर बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है।

बघाई ने कहा, “हम अभी तक अंतिम समझौते के लिए बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं।” उन्होंने कहा, “समझौता ज्ञापन (MoU) के आर्टिकल 13 के अनुसार, अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होना आर्टिकल 1, 4, 5, 10 और 11 को लागू करने की शुरुआत और उनके लागू रहने पर निर्भर करता है।”

MoU के आर्टिकल में भरोसे को बढ़ाने वाले वे मुख्य उपाय बताए गए हैं जिन्हें अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले लागू करना ज़रूरी है। आर्टिकल 11 के तहत, अमेरिका को ईरान के फ्रीज़ किए गए या रोके गए फंड और संपत्ति को आपसी सहमति वाली प्रक्रियाओं के तहत इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से उपलब्ध कराना होगा और उन तक पहुँच आसान बनाने के लिए ज़रूरी लाइसेंस और मंज़ूरी जारी करनी होगी।

बघाई ने यह भी बताया कि 14-पॉइंट वाले MoU के आर्टिकल 13 के तहत, अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब बताए गए पाँच प्रावधानों को लागू करने का काम शुरू हो जाए और जारी रहे। इसका मतलब है कि व्यापक बातचीत की ओर बढ़ने से पहले पक्षों को सहमत शुरुआती उपायों पर प्रगति दिखानी होगी।

इससे पहले, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) द्वारा जारी एक बयान में, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि 14-पॉइंट वाले MoU के तहत इस हफ़्ते किसी भी तकनीकी वर्किंग ग्रुप की बैठक तय नहीं है।

बयान में ग़रीबाबादी के हवाले से कहा गया, “तकनीकी बातचीत का पहला दौर तय वर्किंग ग्रुप के दायरे में होगा, जब हालात अनुकूल हो जाएँगे और तारीख़ व जगह पर सहमति बन जाएगी। इस बारे में मध्यस्थ देशों के ज़रिए बातचीत जारी है।”

(एजेंसी इनपुट के साथ)