Delhi SIR: 1.45 करोड़ वोटरों में से करीब 47 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर! 24 अगस्त को आएगी सूची

Delhi SIR: दिल्ली में SIR (Special Intensive Revision) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। राजधानी में वितरित किए गए करीब 1.45 करोड़ एन्यूमरेशन फॉर्म में से 66.99% फॉर्म डिजिटाइज़ किए जा चुके हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार तक 97,20,289 एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज़ हुए हैं। यह दिल्ली के कुल 1,45,10,299 पंजीकृत मतदाताओं का करीब 67 प्रतिशत है।

बाकी करीब 47.62 लाख मतदाताओं को फिलहाल ‘अनकलेक्टिबल’ श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें ऐसे मतदाता शामिल हैं जो घर पर नहीं मिले, दूसरी जगह चले गए, जिनकी एंट्री डुप्लीकेट पाई गई या जिनके बारे में जानकारी हासिल नहीं हो सकी।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि इन सभी मतदाताओं के नाम स्थायी रूप से वोटर लिस्ट से हट जाएंगे। घर पर नहीं मिलने या स्थान बदलने वाले मतदाताओं को दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान आवेदन करके अपना नाम शामिल कराने का मौका मिलेगा।

SIR के तहत घर-घर जाकर जानकारी जुटाने और फॉर्म के डिजिटाइज़ेशन की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होकर 17 अगस्त को पूरी हुई। इसके बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

ज़िलेवार डेटा
इस प्रक्रिया के दौरान बूथ-लेवल ऑफ़िसर (BLO) घर-घर गए, एन्यूमरेशन फ़ॉर्म बांटे, वोटरों को उन्हें भरने में मदद की और फिर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के ऑफ़िशियल पोर्टल पर जानकारी अपलोड की।

चुनाव आयोग ने बताया कि ज़िलेवार आंकड़ों में, आउटर नॉर्थ ज़िले में सबसे ज़्यादा 75.66 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन हुआ (लगभग 6.30 लाख फ़ॉर्म डिजिटाइज़ किए गए), इसके बाद वेस्ट ज़िले में 73.17 प्रतिशत (10.65 लाख) और साउथ वेस्ट ज़िले में 73.03 प्रतिशत (9.71 लाख) डिजिटाइज़ेशन हुआ।

नॉर्थ वेस्ट ज़िले में 70.83 प्रतिशत (9.04 लाख फ़ॉर्म) डिजिटाइज़ेशन हुआ, जबकि नॉर्थ ईस्ट ज़िले में यह आंकड़ा 70.79 प्रतिशत (13.24 लाख) रहा। सेंट्रल नॉर्थ ने अपने 68.74 प्रतिशत फ़ॉर्म को डिजिटाइज़ किया, इसके बाद ओल्ड दिल्ली का नंबर रहा, जिसने 66.50 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन किया।

नई दिल्ली में 60.68 प्रतिशत और साउथ दिल्ली में 61.05 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन दर्ज किया गया, जबकि साउथ ईस्ट में सबसे कम 55.94 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन हुआ, जिसमें 8.71 लाख फ़ॉर्म डिजिटाइज़ किए गए।

हटाए जा सकते हैं एक-तिहाई वोटर
ये ताज़ा आँकड़े CEO ऑफ़िस के उस अनुमान के बीच आए हैं जिसके अनुसार दिल्ली के लगभग 33 प्रतिशत वोटर अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) कैटेगरी में आ सकते हैं और इसलिए ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाएंगे।

एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, ASDD के अंतिम आँकड़े 17 अगस्त को शाम 5 बजे तक उपलब्ध होने की उम्मीद है।

ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को पब्लिश की जाएगी, जिसके बाद 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज की जा सकेंगी। नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 22 अक्टूबर तक चलेगी, जबकि अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को पब्लिश की जाएगी।

ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में 33 प्रतिशत हटाने की दर देश में सबसे ज़्यादा होगी। अब तक पब्लिश हुई ड्राफ़्ट लिस्ट में तेलंगाना में सबसे ज़्यादा 21.59 प्रतिशत नाम हटाए गए, इसके बाद अरुणाचल प्रदेश (19.09 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश (18.7 प्रतिशत) का नंबर रहा।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)