मीठी नदी डी-सिल्टिंग मामला: ₹65 करोड़ के BMC कॉन्ट्रैक्ट में कथित घोटाला, जानें पूरा मामला

मुंबई की मीठी नदी की डी-सिल्टिंग (गाद हटाने) से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच में बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया से मुंबई पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने 2 अक्टूबर 2026 को पूछताछ की। जांच का केंद्र BMC के उन ठेकों में कथित वित्तीय अनियमितताएं हैं, जिनसे नगर निगम को करीब ₹65.54 करोड़ का नुकसान होने का आरोप है।

2 अक्टूबर को मोरिया से करीब छह घंटे पूछताछ की गई। EOW के अधिकारियों के मुताबिक, उनसे मामले की जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों और दस्तावेजों के संबंध में पूछताछ की गई और जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा बुलाया जा सकता है।

क्या है मीठी नदी डी-सिल्टिंग मामला?
मुंबई की मीठी नदी शहर के ड्रेनेज और बाढ़-प्रबंधन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 2005 की मुंबई बाढ़ के बाद नदी की सफाई और डी-सिल्टिंग पर बड़े पैमाने पर काम शुरू हुआ।

EOW की जांच 2021-22 और 2022-23 के दौरान किए गए डी-सिल्टिंग कार्यों से जुड़े ठेकों पर केंद्रित है। जांच में आरोप है कि ठेका प्रक्रिया, मशीनों के इस्तेमाल और बिलिंग में कथित अनियमितताएं की गईं, जिससे BMC को ₹65.54 करोड़ से अधिक का गलत नुकसान हुआ।

कथित घोटाले में क्या गड़बड़ी हुई?
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में ठेकेदारों, बिचौलियों और BMC के कुछ अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत की जांच की जा रही है।

आरोपों में फर्जी दस्तावेज, कथित रूप से बढ़ी हुई लागत, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और डी-सिल्टिंग मशीनरी से जुड़े भुगतान शामिल हैं। EOW ने मई 2025 में पांच ठेकेदारों, तीन BMC अधिकारियों, तीन बिचौलियों और दो निजी कंपनी अधिकारियों समेत 13 लोगों/इकाइयों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

जांच में विशेष रूप से स्लज पुशर और ड्रेजिंग/एम्फीबियस पोंटून मशीनों से जुड़े खर्च और टेंडर प्रक्रिया की भी जांच की गई।

डिनो मोरिया का नाम कैसे आया?पुलिस जांच के दौरान मुख्य आरोपी बताए गए केतन कदम से जुड़े कॉल रिकॉर्ड और अन्य जानकारियों में डिनो मोरिया तथा उनके भाई सैंटिनो मोरिया के संपर्क की बात सामने आई।

इसके बाद जांच एजेंसियों ने मोरिया और मामले से जुड़े लोगों के बीच संभावित कारोबारी या वित्तीय संबंधों की जांच शुरू की। हालांकि, मोरिया की कथित भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और केवल पूछताछ को अपराध में उनकी भूमिका का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

ED भी कर रही है जांच
मामले की जांच सिर्फ मुंबई पुलिस तक सीमित नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत जांच शुरू की है।

ED ने 6 जून 2025 को मुंबई, कोच्चि और त्रिशूर में 18 ठिकानों पर तलाशी ली थी। इनमें BMC इंजीनियर, ठेकेदारों, मामले से जुड़े बिचौलियों और डिनो मोरिया व सैंटिनो मोरिया से जुड़े परिसरों को भी शामिल किया गया था।

ED के अनुसार उसकी जांच उस FIR से शुरू हुई थी जिसमें BMC को ₹65 करोड़ से अधिक का कथित नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।

मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
मीठी नदी मुंबई के बाढ़-प्रबंधन और जल निकासी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इस मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच सिर्फ BMC के एक कॉन्ट्रैक्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि बाढ़-नियंत्रण से जुड़े सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स में टेंडर, मशीनरी, बिलिंग और निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी रही।

फिलहाल EOW और ED की जांच जारी है। आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)