बिहार के दरभंगा जिले में मां काली का यह भव्य मंदिर मौजूद है, जिन्हें यहां भक्त श्यामा माई (Shyama Mai) के नाम से पुकारते हैं। इस मंदिर के निर्माण की कहानी जिसे सुनकर सब हैरान हो जाते हैं। मां काली का यह मंदिर दरभंगा राज परिवार के महान साधक महाराज रामेश्वर सिंह की चिता पर बना है।
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मां दुर्गा के स्मरण से मिलती है सर्व दुर्गुणों एवं दु:खों से छुटकारा
क्या आपको पता है कि ये काकभुशुण्डि कौन थे? कौवे के रूप मे दिखने वाले काकभुशुण्डि प्रभु श्रीराम के बहुत बड़े भक्त थे। इन्हे ये वरदान प्राप्त था कि वो समय के बाहर जा सकते थे। यानि कि पूर्व मे क्या घटित हुआ और भविष्य मे क्या घटित होगा, वो सब देख सकते थे। वो समय के बनने बिगडने के चक्र को देख सकते थे।
चीनी सोशल मीडिया में चर्चा, भाजपा नेता स्वामी ने कहा-सच सामने लाना चाहिए
एशिया के दो सबसे बड़े धनकुबेर गौतम अडानी और मुकेश अंबानी ने आपस में ‘नो पोचिंग’ एग्रीमेंट किया है। इसके तहत अडानी समूह के कर्मचारी ना तो रिलायंस इंडस्ट्रीज में नौकरी कर सकेंगे और ना ही मुकेश अंबानी की कंपनी में काम कर चुके कर्मचारियों को अडानी समूह ले सकेगी। यह एग्रीमेंट इस साल मई से लागू है और दोनों कंपनियों से जुड़े सभी कारोबार के लिए है। बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
सीमांचल के पूर्णिया में गृह मंत्री अमित शाह की हुंकार, मेरे आने से लालू और नीतीश के पेट में हो रहा दर्द, जयंती पर राष्ट्रकवि दिनकर को किया याद, बिहार की महागठबंधन सरकार पर खूब किए हमले
सोमवार को कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो गई। इस नवरात्रि मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग तरीके से पूजा की जाएगी। आयुर्वेद में मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग तरह से परिकल्पना की गई है। जमशेदपुर की आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ का कहना है कि ब्रह्माजी के दुर्गा कवच में वर्णित नवदुर्गा नौ विशिष्ट औषधियों में विराजमान है। आइये जानते हैं वो कौन सी औषधि हैं।
हमारे सनातनधर्म में कलश स्थापन का विशेष महत्व है। प्रत्येक शुभ कार्य में तथा छोटे से छोटे व वृहद् से वृहद् पूजनकर्म व अनुष्ठान में कलश स्थापन किया जाता है, और नवरात्रि में तो इसका अपना एक अलग हीं महत्व है।
मार्कण्डेय पुराण के अनुसार सूर्य ब्रह्मस्वरूप है, सू्र्य से जगत उत्पन्न होता है। सूर्य नवग्रहों में प्रमुख देवता हैं। सूर्यदेव की दो भुजाएं हैं। वे कमल के आसन पर विराजमान हैं। उनके दोनों हाथों में कमल सुशोभित हैं। उनके सिर पर सुंदर स्वर्ण मुकुट और गले में रत्नों की माला है। सूर्य देव 7 घोड़ों के रथ पर सवार हैं।
सूर्य पुत्र शनिदेव (Shanidev) को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं कि वह गुस्सैल, भावहीन और निर्दयी हैं। लेकिन यह सत्य नहीं है, शनिदेव न्याय के देवता हैं। इसी वजह से भगवान शिव ने शनि महाराज को नवग्रहों में न्यायाधीश का काम सौंपा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महिलाओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा ऐलान किया है। नई घोषणा के अनुसार बस और मेट्रो ट्रेन की तरह भारतीय रेलवे भी महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करेगा, जिससे उन्हें कंफर्म बर्थ मिल सके।
किया अपने ससुर राजा दशरथ का पिंडदान, वट वृक्ष को दिया आशीर्वाद
