मुम्बई: सिल्वर स्क्रीन पर अपने निर्देशन में सबके दिलों पर राज करने वाले निर्देशक ब्रज भूषण अब वेब सीरिज ‘पांच...
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आपके अच्छे कार्यों के परिणामस्वरूप भी आपको कष्ट प्राप्त हो रहा है तो समझिए ईश्वर ने आपके बड़े कष्ट हर लिए
शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के इन सभी रूपों की वंदना करने से असीम सम्पदा और धन की प्राप्ति होती है।...
सनातन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि चातुर्मास में भगवान विष्णु सभी देवी-देवताओं के साथ पाताल लोक में शयन अवस्था में होते हैं। और इस समय सृष्टि का पालन भगवान भोलेनाथ करते हैं। इसलिए शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को इस दौरान करने की मनाही होती है। इस साल 10 जुलाई 2022 से चातुर्मास का प्रारंभ होगा जो 4 नवंबर 2022 तक चलेगा।
गेंहू मूलतः भारत की फसल नहीं है। अमेरिका के एक हृदय रोग विशेषज्ञ हैं डॉ विलियम डेविस। उन्होंने एक पुस्तक लिखी थी 2011 में, जिसका नाम था "Wheat belly गेंहू की तोंद"। यह पुस्तक अब फूड हेबिट पर लिखी सर्वाधिक चर्चित पुस्तक बन गई है। पूरे अमेरिका में इन दिनों गेंहू को त्यागने का अभियान चल रहा है। कल यह अभियान यूरोप होते हुये भारत भी आएगा।
भगवान शंकर (विश्वनाथ) की अर्धांगिनी हैं माता अन्नपूर्णा । माता पार्वती ही सृष्टिकाल में महामाया, पालन करते समय अन्नपूर्णा और...
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता (Sadhna Gupta) का शनिवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि साधना गुप्ता कुछ समय से बीमार चल रही थीं और उन्हें हाल ही में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।...
मुंबई: भोजपुरी सिनेमा की ब्लॉक बस्टर फिल्म दबंग सरकार में खेसारीलाल यादव के साथ नजर या चुकी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी...
पटना: पटना हाईकोर्ट ने पटना के राजीवनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर यथास्थिति बहाल रखने का निर्देश दिया...
वास्तव में शिव का अवतार हनुमान (Shiv ka Avtaar Hanuman) ही थे और यह भी सत्य है कि भगवान राम (Bhagwan Ram) ही शिव के हनुमान अवतार (Hanuman Avtaar) का कारण बने थे। रामायण में बताया गया है कि एक बार भगवान शिव की भी इच्छा हुई कि पृथ्वीलोक चलकर भगवान राम के दर्शन किये जायें। उस समय भगवान राम जी की आयु लगभग 5 वर्ष के आसपास रही होगी।
भगवान सूर्य की आराधना करने वाले मनुष्य को राग-द्वेष, झूठ और हिंसा से दूर रहना चाहिए
