क्या आपको पता है कि धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों होती...
विश्व के गिने-चुने पहाड़ों में बराबर पहाड़ी शामिल है जो खण्डित है, जड़ से चोटी तक पूरी तरह टुकड़ों में बँटा है। यहाँ भगवान शिव सिद्धेश्वरनाथ शिवलिंग (Siddheshwarnath Shivling) के रूप में विराजमान हैं।
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह और कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच हो गया है। जम्मू-कश्मीर...
वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) के अलावा मां दुर्गा (Maa Durga) का भी एक दिव्य और पुरातन मंदिर भी है। लाल पत्थरों से बने इस मंदिर में माता के कई स्वरूपों का दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। इसकी भव्यता ऐसी है कि कहा जाता है कि मंदिर परिसर में जाने वाले भक्त मां की प्रतिमा को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मंदिर में एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह महसूस होता है।
सृष्टि के प्रारम्भ में ब्रह्मा जी के मुख से 'ऊँ' प्रकट हुआ था, वही सूर्य का प्रारम्भिक सूक्ष्म स्वरूप था। इसके बाद भूः भुव तथा स्व शब्द उत्पन्न हुए। ये तीनों शब्द पिंड रूप में 'ऊँ' में विलीन हए तो सूर्य को स्थूल रूप मिला। सृष्टि के प्रारम्भ में उत्पन्न होने से इसका नाम आदित्य पड़ा।
भुवनेश्वर: ओडिसा के पुरी में बाट मंगला मंदिर स्थित है। यहां मंगला देवी कमल पर विराजमान वैष्णवी ठाकुर्नी का चतुर्भुज...
हिन्दू धर्म में गणेश जी को प्रथम पूजनीय माना जाता है!! कोई इन्हें *विघ्नहर्ता* कहता है तो कोई इन्हें *सिद्धिविनायक*।...
14 अक्टूबर, 2023 को सूर्य ग्रहण या सूर्य ग्रहण होगा। इसके समय, कारण और अन्य विवरणों के बारे में जानें।
एक पंडितजी को नदी में तर्पण करते देख एक फकीर अपनी बाल्टी से...
हमारे जीवन में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का विशेष प्रभाव माना जाता है। ऐसे में अगर शनि ग्रह जिनका...
Chaitra Navratri 2022: नवरात्रि के दूसरे दिन आज मां के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां...
इस पौराणिक कथा की मानें तो एक तरह से क्रोधासुर श्री गणेश का भाई ही था, क्योंकि वो शिव जी के स्खलन से जन्मा उनका ही अंश था। उसी को नियंत्रित करने के लिए गणपति ने लंबोतर के रूप में अवतार लिया था




