जन्म से 5 वर्ष तक किसी भी बालक की कुंडली में शनि का स्थान नहीं होगा। जिससे कोई और बालक मेरे जैसा अनाथ न हो।
देश में वैसे तो अनेक मंदिर है, लेकिन भगवान सत्यनारायण (Lord Satyanarayan) के कुछ ही मंदिर है। इनमें आंध्र प्रदेश स्थित सत्यनारायण स्वामी मंदिर (Satyanarayan Swami Temple) प्रमुख है।
माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से एक चेतन पुरुष की रचना की, जो सभी गुणों से संपन्न, दोषों से रहित, सुंदर अंग वाला, अद्भुत शोभायमान, महाबली और पराक्रमी था। उन्होंने अपने इस पुत्र को विनायक का नाम दिया। यही विनायक मस्तक कटने के बाद गणेश के नाम से जाने गए।
रामभक्त हनुमान (Hanuman ji) हमेशा ही अपने आराध्य देव भगवान श्री राम (Shri Ram) के समीप ही रहा करते थे और भगवान राम भी हनुमान जी को पुत्रवत प्रेम किया करते थे। हनुमान जी के कारण ही मृत्यु के देवता काल देव राम जी के पास आने से डरते थे।
हिंदू धर्म में सूर्य की उपासना अति शीघ्र फल देने वाली मानी जाती है। रविवार के दिन सूर्यदेव (Surya Dev) की पूजा के लिए करने के लिए प्रातः जल्द सोकर उठें। जब सूर्य उदय हो तब सूर्य देव को प्रणाम करें और 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' कहकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
लोगों का कहना है कि मंदिर की आरती शुरू होते ही इलाके से सारे कुत्ते मंदिर में पहुंच जाते हैं। आरती की पहली घंटी बजते ही श्मशामवासिनी मां के मंदिर में आसपास घूमने वाले सभी 'कुत्ते' पहुंच जाते हैं।
यदि आप पर माता लक्ष्मी (Mata Laxmi) की कृपा नहीं है तो आपको वास्तु उपाय करना चाहिए। घर में मुख्य द्वार पर दीपक जलाकर रखने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उनका घर में आगमन होता है। ऐसा करने से धन-संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है। जानते हैं कि माता लक्ष्मी के लिए दीपक किस समय जलाएं?
इस साल श्रावण का महीना बहुत खास होने वाला है। इस बार शिव जी को प्रसन्न करने के लिए पूरे दो माह का समय होगा। अधिक मास की वजह से इस बार सावन 4 जुलाई से 31 अगस्त तक रहेगा।
आज 4 जुलाई मंगलवार से श्रावण मास (Sawan Maas) आरंभ हो रहा है। श्रावण मास का समापन 31 अगस्त गुरुवार श्रावण पूर्णिमा को होगा। इस बार श्रावण मास अधिकमास होने के कारण 59 दिन का है। इस बार श्रावण मास में 8 सोमवार होंगे। यह दुर्लभ संयोग 19 वर्ष पूर्व सन 2004 में श्रावण मास में हुआ था।
कर्नाटक (Karnataka) के चामराजनगर (Chamarajanagar) में स्थित चामराजेश्वर मंदिर (Chamrajeshwar Temple) द्रविड़ वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है।
देश के विख्यात मंदिरों की बात की जाए तो जूनी इंदौर (Juni Indore temple) स्थित शनि मंदिर (Shani Mandir) उनमें से एक है। इस शनि मंदिर की जितनी रोचक कहानी है, उतने ही रोचक यहां से जुड़े भक्तों के किस्से भी सुनने को मिलते है।
इस साल देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) में बेहद ख़ास संयोग बन रहा है। इस दिन एक या दो नहीं, पूरे चार शुभ योग रहने वाले हैं। जानिए, इस साल देवशयनी एकादशी का व्रत कब रखा जायेगा और इस दिन कौन से विशेष योग बन रहे हैं?












