हनुमान जी का जन्म 58 हजार 112 वर्ष पहले त्रेतायुग के अन्तिम चरण में चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे आज के झारखण्ड राज्य के गुमला जिले के आंजन नाम के छोटे से पहाड़ी गाँव के एक गुफा में हुआ था।
हनुमानजी सप्तचिरंजीवों में से एक हैं । अर्थात सदैव जीवित रहने वाले । हनुमानजी ने त्रेतायुग में श्रीरामजी की अवतार...
हनुमान जी (Hanumanji) की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करके शाम के समय बूंदी का प्रसाद बांटने...
सरस्वती, जिसे शारदा के नाम से भी जाना जाता है, ज्ञान, संगीत, कला, भाषण, ज्ञान और विद्या की अनन्त देवी...
हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मन्थन के बाद जब धन्वंतरी अमृत के लिए झगड़ रहे देव-दानवों से बचाकर अमृत ले जा रहे थे तो पृथ्वी पर अमृत की कुछ बूँदें गिर गई और वे स्थान धार्मिक महत्व वाले स्थान बन गए। अमृत की बूँदे हरिद्वार में भी गिरी और जहाँ पर वे गिरी थीं वह स्थान हर की पौड़ी था। यहाँ पर स्नान करना हरिद्वार आए हर श्रद्धालु की सबसे प्रबल इच्छा होती है क्योंकि यह माना जाता है कि यहाँ पर स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
हरियाली तीज भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है। किंवदंतियों के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान शिव का स्नेह पाने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी और इसी दिन दोनों का मिलन संभव हुआ था।
Hanuman Jayanti: श्रीराम भक्त हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न में...
हनुमान जी (Hanuman ji) को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है। विष्णु जी (Vishnu ji)...
लोहड़ी सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि फसल, गर्मी, आभार और एकजुटता का उत्सव है, जो कृषि परंपराओं और पंजाबी लोककथाओं में गहराई से जुड़ा हुआ है।
सरस्वती, जिसे शारदा के नाम से भी जाना जाता है, ज्ञान, संगीत, कला, भाषण, ज्ञान और विद्या की अनन्त देवी...
वृक्ष सदा उपकार की खातिर जीते है। इसलिये हम वृक्षों के कृतज्ञ है। वृक्षों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु परिवार के प्रति व्यक्ति को हरियाली अमावस्या पर एक-एक पौधारोपण करना चाहिये।
आधुनिकता के नाम पर हम लोग अपना धर्म भूलते जा रहे हैं। आज की पीढ़ी से अगर ये प्रश्न किया...




