वास्तुशास्त्र के दोष दूर करने के लिहाज से भगवान गणेश की प्रतिमा बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकती है। नए घर...
15000 किलोग्राम शुद्ध सोने से निर्मित है यह मंदिर, इतना स्वर्ण विश्व के किसी मंदिर में नहीं हुआ प्रयोग
भगवान शिव (Lord Shiva) को स्वयंभू कहा जाता है। जिसका अर्थ है कि वह अजन्मे हैं। शिव न आदि हैं...
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम भक्त हनुमान जी (Hanuman ji) को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। पौराणिक कथाओं में हनुमान जी का वानर रूप में वर्णन किया गया है। हनुमान जी की माता का नाम अंजनी और पिता का नाम केसरी था। हनुमान जी की माता इंद्र देवता के दरबार में अप्सरा थीं और उनका नाम पुंजिकस्थला था। कहा जाता है कि वह अभूतपूर्व सुंदरी और बहुत चंचल भी थीं।
श्राद्ध या पितृ पक्ष 20 सितंबर यानी आज से शुरू होकर पितृमोक्षम अमावस्या पर समाप्त होगा। इन दिनों हिंदू अपने...
हिन्दू धर्म में पंचदेव की पूजा रोज करनी चाहिए। इनमें गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, मां दुर्गा और सूर्यदेव शामिल हैं। रोज सुबह सूर्यदेव (Suryadev) के दर्शन करने से कुंडली के सूर्य और अन्य ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं। सूर्य साक्षात दिखाई देने वाले भगवान माने जाते हैं।
नई दिल्लीः श्राद्ध में पितरों तथा देवताओं को नेवैद्य दिखाना, एक महत्त्वपूर्ण क्रिया है । इसलिए इसका शास्त्र जानना आवश्यक है...
शनिदेव को हिंदू धर्म में कर्म फल दाता माना जाता हैं, इसलिए इन्हे कठोर भी माना जाता है। दरअसल शनि...
शनिदेव (Shanidev) की पूजा को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के मन में उठते रहते हैं। इन्हीं में से...
सूर्य देव को जल चढाने का उद्देश्य केवल सूर्य देव को प्रसन्न करना या यश की प्राप्ति करना नहीं है। इससे हमारे स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है।
सनातन धर्म में मां लक्ष्मी (Maa Laxmi) को धन की देवी कहा जाता है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को अर्पित किया गया है। कहा जाता है मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार के दिन व्रत रखना चाहिए और पूरे विधि-विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए, जिससे उनका आशीर्वाद और उनकी कृपा आप पर बनी रहे।
बेतिया में राज देवड़ी से पूरब वाले प्राचीन द्वार से निकलते ही एक ओर भगवान गणेश और दूसरी ओर भगवान हनुमान के दर्शन होते हैं। हम आपको बताते हैं इन प्रतिमाओं का महत्व क्या है? इनका इतिहास क्या है?



