श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) के रेड जोन में सैकड़ों वर्ष पुराना अन्नपूर्णा मंदिर (Annapurna Mandir) है, जिसे...
जो जन्माष्टमी का व्रत रखता है उसको करोडों एकादशी करने का पुण्य प्राप्त होता है और उसके रोग-शोक दूर हो...
भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बखोरापुर में है भव्य मां काली मंदिर (Bakhorapur Kali Temple)। अपनी भव्यता व विस्तृत क्षेत्रफल में फैलाव के कारण यह मंदिर भक्तों व पर्यटकों को भाने लगा है।
यह त्यौहार अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, जहाँ भाई-बहन के बीच के बंधन को उजागर करने वाली किंवदंतियाँ हैं, और यह दिवाली के बड़े उत्सवों में भी अपनी जगह रखता है, जो पारिवारिक सद्भाव पर ज़ोर देते हैं।
भक्त वत्सल्य भगवान श्री गणेश के बारे में कई पौराणिक कथाएं वर्णित हैं। इन्हीं में से एक है भगवान जगन्नाथ की कथा। जिसमें प्रभु जगन्नाथ ने श्री गणेश जी का रूप धारण कर भक्त को दर्शन दिए थे।
अक्सर धार्मिक तस्वीरों में देखा जाता है कि माँ लक्ष्मी (Maa Lakshmi) विष्णु जी (Vishnu ji) के चरणों के निकट बैठती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धन की देवी होने के बावजूद भी मां लक्ष्मी विष्णु जी चरणों के निकट क्यों बैठती हैं? चलिए जानते हैं रोचक तथ्य के बारे में।
जीवन में किस्मत का साथ होना बहुत जरूरी है। यह हमें सफलता व असफलता दिलाती हैं। लेकिन किसी के किस्मत...
शारदीय नवरात्रि यानि देवी मां की उपासना का महापर्व। हिंदू धर्म में इस पर्व को विशेष महत्व दिया गया है।...
मान्यता है कि मां के दरबार में जो भी मनौती मांगी जाती है उसे मां कैला निश्चित ही पूरा करती हैं। सूनी गोद भरने की आस हो या सुहाग की चिरायु होने की कामना, कैला मां भक्त की हर मुराद जल्द ही पूरी करती है।
एक बार माता पार्वती (Mata Parvati) ने भगवान शिव (Lord Shiva) से कहा की प्रभु मैंने पृथ्वी पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही अपने प्रारब्ध से दुःखी है आप उसे और ज्यादा दुःख प्रदान करते हैं और जो सुख में है आप उसे दुःख नहीं देते है।
राधा अष्टमी के पर्व का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। अष्टमी का व्रत रखकर राधा की पूजा की जाती...
व्रतेन दीक्षामाप्नोति दीक्षयाऽऽप्नोति दक्षिणाम् । दक्षिणा श्रद्धामाप्नोति श्रद्धया सत्यमाप्यते ।। अर्थ : व्रत धारण करने से मनुष्य दीक्षित होता है।...






