हिंदी पंचांग के अनुसार, कल बड़ा मंगल है। इसे बुढ़वा मंगल (Budhva Mangal) भी कहते हैं। यह पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ माह के पहले मंगल के दिन मनाया जाता है।
राजा सुरथ की भक्ति देखकर सूर्यपुत्र यमराज प्रसन्न हुए। अपने वास्तविक रूप में आकर सुरथ से वरदान मांगने को कहा।...
एक बार लक्ष्मीजी (Laxmiji) , पार्वतीजी (Parvatiji) और सरस्वतीजी (Saraswatiji) को अपने पातिव्रत्य पर गर्व हो गया। भगवान को गर्व सहन नहीं होता है। उन्होंने इन तीनों के गर्वहरण के लिए एक लीला करने की सोची । इस कार्य के लिए उन्होंने नारदजी के मन में प्रेरणा उत्पन्न की।
सिनेमा को समाज का दर्पण कहा जाता है। समाज में घटती कई घटनाओं व रिवाजों को कहानी में पिरोकर रुपहले पर्दे पर प्रस्तुत किया जाता है।
हम सब हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) पढते हैं, सब रटा रटाया। क्या हमें चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं? बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो। तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!
सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को उगते और डूबते दोनों तरह से अर्घ्य दिया जाता है।
भगवान शिव (Lord Shiva) के मस्तक पर गंगा के विराजमान होने की घटना का संबंध राजा भगीरथ से माना जाता है। कथा है कि भगीरथ ने अपने पूर्वज सगर के पुत्रों को मुक्ति दिलाने के लिए गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर उतारा था। लेकिन इस कथा के पीछे कई कथाएं हैं जिनसे भगीरथ का प्रयास सफल हुआ।
सूर्यपुत्र शनिदेव (Shanidev) भगवान जी कहते हैं मैं गुरुओं का भी गुरु हूं और योद्धाओं का भी योद्धा हूं योगियों...
मनुष्य हो या वस्तु, समय पूरा होने पर उसका नाश होना जरूरी
देवता भी अपने कार्यों की बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेश जी की अर्चना सबसे पहले करते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि देवगणों ने स्वयं उनकी अग्रपूजा का विधान बनाया है।
ये कहानी भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के नरसिंह अवतार (Narsingh Avtaar) से जुड़ी हुई है। प्रह्लाद की रक्षा के लिए श्रीहरि ने नरसिंह अवतार धारण करके हिरण्यकशिपु का वध अपने पंजे से कर दिया। लेकिन भक्त पर हुए अत्याचार से नाराज नरसिंह पूरी सृष्टि के विनाश के लिए उतारु हो गए।
मान्यता है कि मां के दरबार में जो भी मनौती मांगी जाती है उसे मां कैला निश्चित ही पूरा करती हैं। सूनी गोद भरने की आस हो या सुहाग की चिरायु होने की कामना, कैला मां भक्त की हर मुराद जल्द ही पूरी करती है।











